गुरुवार को आसमान पर काले बादल छाए रहने से करीब -2.3 डिग्री तक पारा गिरा है. कही-कही झमाझम तो कही कही हल्की बूंदा-बांदी भी हुई हैं. इससे मौसम काफी अच्छा हो गया है. शहर के कई पिकनिक स्पॉट पर शाम के समय लोगों की खूब चहल कदमी देखने को मिली.
वहीं, शुक्रवार को सुबह ही झमाझम बारिश होने लगी. जगह-जगह जल भराव से लोगों को समस्याओं का भी सामना करना पड़ा. जरा सी बरसात में ही नाले और नालियां ओवर फ्लो हो गई है. इस कारण कई मोहल्ले में लोग अपने घरों तक जाने के लिए तरसते रहे.
उमस बरकरार रहेगी: चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर के मौसम वैज्ञानिक प्रो. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि कल भी कानपुर मंडल मैं बदलो की आवाजाही बनी रहेगी. इसके साथ ही शाम के बाद सुबह तक खंड वर्षा के रूप मैं बूंदा बांदी और हल्की बारिश की संभावना के साथ धूप भी रहेगी, लेकिन उमस अभी बरकरार रहेगी.
अधिकतम तापमान 33 डिग्री तक रहा: प्रो. पांडेय ने बताया कि अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री रहा, जो कि -2.3 डिग्री गिरा है. वहीं, न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री रहा है। हवा की औसत गति 2.4 किमी/घंटा के हिसाब से दक्षिण से पूर्व दिशा की ओर चली है. बुधवार को 0.6 मिली मीटर बारिश दर्ज की गई हैं. अभी 13 जुलाई तक मौसम ऐसा ही बने रहने की संभावना है.
चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र तल से 5.6 किमी की ऊंचाई पर: उन्होंने बताया कि दक्षिण झारखंड और निकटवर्ती क्षेत्रों में निम्न दाब क्षेत्र अवस्थित है, इससे जुड़ा चक्रवातीय परिसंचरण मध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है. वर्तमान में मानसून टर्फ माध्य समुद्र तल पर सूरतगढ़, भिवानी, अलीगढ़, बांदा, डाल्टनगंज, दक्षिण झारखंड और निकटवर्ती क्षेत्रों में बने निम्न दाब क्षेत्र के केंद्र एवं दीघा से होकर दक्षिण-पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पूर्व तक विस्तृत है.
एक टर्फ दक्षिण-पश्चिम की तरफ भी: प्रो. पांडेय ने बताया कि एक टर्फ दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश से उत्तरी मध्य प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ से होकर दक्षिण झारखंड और निकटवर्ती क्षेत्रों में बने निम्न दाब क्षेत्र से जुड़े चक्रवातीय परिसंचरण तक माध्य समुद्र तल से 0.9 और 1.5 किमी की ऊंचाई के मध्य विस्तृत है.
















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