कानपुर के रामबाग मर्डर-लूटकांड के आरोपियों से मुठभेड़: एक को पैर में गोली मारकर दबोचा, दो साथी भी अरेस्ट

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कानपुर में बजरिया थाना क्षेत्र के रामबाग में महिला की हत्या करके लूटपाट करने वाले बदमाश से पुलिस की मुठभेड़ हो गई. पुलिस ने दादा नगर ढाल पर हत्याकांड में शामिल शहनवाज उर्फ गुलगुल के पैर में गोली मारकर उसे अरेस्ट कर लिया. जबकि हत्याकांड का मास्टरमाइंड पड़ोसी नितिन त्रिपाठी उर्फ़ पंडित और उसके साथी सारिक अमीन को अरेस्ट किया. पुलिस आज ही इन्हे जेल भेज रही है.

गेम में रुपए हारने और कर्जदार होने पर मौसी के हत्या की रची साजिश: डीसीपी ईस्ट श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि रामबाग निवासी प्रेमलता मिश्रा (71) की दिन दहाड़े गला घोंटकर हत्या और घर में लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया गया था. मामले की जांच कर रही बजरिया पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से हत्या और लूटपाट को अंजाम देने वाले शातिरों का सुराग मिला.

इसी आधार पर पुलिस ने पड़ोस में रहने वाला वारदात का मास्टर माइंड 27 साल के नितिन त्रिपाठी उर्फ पंडित और उसके साथी 48 साल के चमनगंज निवासी सारिक अमीन को ईदगाह कब्रिस्तान के पास से अरेस्ट कर लिया.

दोनों के कब्जे से घटना में मकान के कमरे की कुंडी तोड़ने के लिए इस्तेमाल किया गया पेचकश, वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी और 10 हजार रुपए भी बरामद किया. दोनों से पूछताछ के दौरान पुलिस को हत्यारों के तीसरे साथी उन्नाव सरस्वती टाकीज थाना क्षेत्र गंगाघाट निवासी 31 साल के शहनवाज उर्फ गुलगुल की दादा नगर ढाल के पास घेराबंदी की तो पुलिस पर फायरिंग कर दी. पुलिस ने शातिर शहनवाज को मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली मारकर अरेस्ट कर लिया. शहनवाज के दाहिने पैर में गोली लगी और उसके पास से तमंचा और कई कारतूस भी मिले.

पूछताछ में किया चौंकाने वाला खुलासा: बुजुर्ग प्रेमलता की हत्याकांड में शामिल उनका पड़ोसी नितिन त्रिपाठी उर्फ पंडित ने पूछताछ में बताया कि गेम खेलने के दौरान वह लाखों रुपए हार गया था. इसलिए उसने पड़ोस में रहने वाली प्रेमलता जिनको वह मौसी कहता था। उनके पारिवारिक संबंध थे. उनके बेटों से भी दोस्ती होने के चलते प्रेमलता नितिन को बेटे जैसा ही मानती थीं. उसका घर में बेटों की तरह ही आना जाना और संबंध थे.

गेम में लाखों रुपए हारने के बाद उसने चमनगंज निवासी अपने दो साथियों के साथ लूटपाट की साजिश रची. नितिन ने बताया कि वारदात के दौरान मौसी उसे पहचान गई थीं, इस वजह से उसने मौकी की गला घोंटकर हत्या कर दी और लूटपाट को अंजाम देने के बाद अपने साथियों के साथ वहां से भाग निकला था.

हत्या का आरोपी शाहनवाज उर्फ गुलगुल.

CCTV से हुआ जघन्य हत्याकांड और लूट का खुलासा: डीसीपी ने बताया कि पुलिस कमिश्नर के ऑपरेशन त्रिनेत्र अभियान के तहत शहर के प्रमुख चौराहों और घर-घर सीसीटीवी लगाने का अभियान चलाया गया है. इसी के तहत प्रेमलता के मोहल्ले में रहने वाले एक परिवार ने सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे. पूरे मोहल्ले में सिर्फ एक सीसीटीवी कैमरा था और वारदात उसमें कैद हो गई थी. पुलिस ने इसी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर नितिन और उसके साथियों को अरेस्ट करके वारदात का खुलासा किया.

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