कानपुर में सोमवार तड़के दूध कारोबारी के गले पर नुकीले हथियार से वारकर हत्या कर दी गई. वारदात के समय कारोबारी घर से सौ मीटर दूर पशुबाड़े में सो रहा था. सुबह जब उसका छोटा भाई मवेशियों को चारा देने पहुंचा, तो चारपाई पर खून से लथपथ शव देखकर चीख पड़ा. गर्दन पर पेचकस जैसे नुकीले हथियार से आधा दर्जन बार वार किया. पुलिस का कहना है कि दो दिन पहले मृत पाए गए व्यक्ति की गांव के किसी युवक से विवाद हुआ था.
वारदात की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई. पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंची. शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया. मौका ए वारदात से साक्ष्य जुटाए.
बड़ा भाई बाहर गया था, तो पशुबाड़े में सोता था अवनीश: मामला बिधनू थानाक्षेत्र के घाटूखेड़ा गांव का है. यहां रहने वाला मृतक अवनीश उर्फ काकुल (25) तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था. वह दूध का व्यवसाय करता था. उसका बड़ा भाई मनीष दो दिन पहले ही मामा के घर किशुनपुर गया था जिससे अवनीश दो दिन से पशुबाड़े में अकेला सोया करता था. वहीं छोटा भाई विशाल पढ़ाई करता है. घर पर मां माया देवी और तीनों भाई रहते हैं. तीनों भाईयों की शादी नहीं हुई.
मां माया देवी ने बताया- रविवार रात अवनीश मगरासा स्थित दूध डेयरी से लौटकर घर आया था. हम, विशाल और अवनीश ने रात में एक साथ खाना खाया. फिर अवनीश रात साढ़े नौ बजे पशुबाड़े में सोने चला गया था. सुबह देखा तो चारपाई पर मेरा बेटा सो रहा था। बहुत खून बह रहा था. मेरा बेटा चला गया. बहुत बेरहमी से मारा है.
गर्दन पर नुकीले हथियार से वार: छोटे भाई विशाल ने बताया- सोमवार को सुबह करीब छह बजे मवेशियों को चारा देने के लिए मैं पशुबाड़े में पहुंचा तो चारपाई पर भईया लेटे का शव अर्धनग्न अवस्था में पड़ा मिला. गर्दन समेत शरीर पर नुकीले हथियार से कई वार किए गए थे. वहीं उसका लोवर और टी शर्ट भी चारपाई के पास ही पड़े थे.
क्राइम सीन से जुटाए साक्ष्य: सूचना मिलते ही एडीसीपी साउथ योगेश कुमार, एसीपी घाटमपुर कृष्णकांत और बिधनू पुलिस फोर्स समेत तीन अन्य थानों की फोर्स मौके पर पहुंची. घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को बुलाया गया. टीमों ने घटनास्थल से सबूत इकट्ठा किए। दामाद अरुण से भी पूछताछ की.
माया देवी के घर में बेटी लक्ष्मी और दामाद अरुण आए हुए थे. पूछताछ में अरुण ने बताया- रात में घर पर पथराव हुआ था. लेकिन पुलिस को वहां कोई पत्थर नहीं मिला.
खोजी स्वान के ज़ब माया देवी के घर पहुंचा, तो अरुण वहां नहीं था लेकिन बाद में एडीसीपी की पूछताछ के दौरान तक वह आ गया था.
हत्या के पीछे नशेबाजी या आशनाई का एंगल: परिजनों के मुताबिक, अवनीश नशे का आदी था और गांव में कई लोगों से उसकी कहासुनी हुआ करती थी. दो दिन पहले गांव के ही एक युवक से अवनीश का विवाद हुआ था. वहीं पुलिस को हत्या में आशनाई का एंगल भी लग रहा है.
चार टीमें और सर्विलांस एक्टिव: एडीसीपी साउथ योगेश कुमार ने बताया- वारदात की जांच के लिए चार टीमें बनाई गई हैं. सर्विलांस सेल के जरिए संदिग्ध नंबरों की कॉल डिटेल निकाली जा रही है. कई संदिग्धों से पूछताछ चल रही है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा.
















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