पुनीत शुक्ला, कानपुर।
कानपुर में बेलगाम दौड़ रहे ई-रिक्शों को नियंत्रित करने और उन्हें निर्धारित रूटों पर चलाने के लिए यातायात विभाग ने दीप तिराहे सहित पूरे शहर में एक बड़ा अभियान शुरू किया. इस अभियान के तहत, बिना क्यूआर कोड वाले ई-रिक्शों को सीज किया जा रहा है.

बता दें कि यातायात विभाग ने ई-रिक्शा चालकों को दो महीने पहले ही उनके रूट के लिए क्यूआर कोड जारी किए थे. अनुमानित 70 हजार ई-रिक्शों में से मात्र सात हजार ने ही पंजीकरण कराया और उनमें से भी केवल 1679 चालकों ने क्यूआर कोड हासिल किए.
कानपुर में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए ई-रिक्शा और ऑटो के लिए 40 रूट निर्धारित किए गए हैं. इन रूट पर चलने वाले वाहनों को पंजीकरण कराना अनिवार्य किया गया. पंजीकरण के बाद वाहन मालिकों को क्यूआर कोड जारी किए गए. इसी क्यूआर कोड के आधार पर वाहनों को निर्धारित रूट पर चलने की अनुमति दी गई है.

यातायात पुलिस ने 13 जुलाई से बिना क्यूआर कोड वाले वाहनों के खिलाफ चेकिंग अभियान शुरू किया. पहले दिन 100 वाहनों पर कार्रवाई की गई। 14 जुलाई को दूसरे दिन 107 ई-रिक्शा और ऑटो को सीज किया गया.
डीसीपी ट्रैफिक रविंद्र कुमार ने स्वयं शहर के विभिन्न चौराहों पर चेकिंग अभियान का निरीक्षण किया. यह कदम शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है. रूट निर्धारण से शहर में जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है.
















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