बाराबंकी के महादेवा मेला क्षेत्र में लोहे के जीने में उतरा करंट, दो युवकों की मौत; मचा कोहराम

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UP के बाराबंकी जिले के लोधेश्वर महादेवा में आयोजित धार्मिक मेले के बीच उस समय हड़कंप मच गया, जब मेला परिसर में पुलिस चौकी से महज 50 मीटर की दूरी पर एक लोहे के जीने में उतरे करंट की चपेट में आकर दो युवकों की मौत हो गई. रविवार दोपहर हुई इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों में बिजली विभाग के प्रति जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला. घटना के तुरंत बाद प्रशासन व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की गई. पुलिस ने दोनों मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है.

दुकान के सामने लगा था जीना, वही बना मौत का कारण यह हादसा मेला परिसर में स्थित शालू स्टूडियो नामक दुकान के सामने हुआ. स्टूडियो संचालक संजय कुमार (28), जो लाई की दुकान भी चला रहे थे, वहीं बैठे थे। इस बीच थाना मसौली के गांव गुलरिहा निवासी हौसला (30) किसी काम से वहां पहुंचे. उन्होंने संजय से कहा कि चलो दुकान के पीछे चलते हैं और जैसे ही उन्होंने लोहे के जीने को पकड़ा, तेज करंट की चपेट में आ गए. हौसला को तड़पता देख संजय उन्हें बचाने दौड़े, लेकिन जीने को छूते ही वे भी करंट की चपेट में आ गए. दोनों की हालत गंभीर हो गई. आसपास के दुकानदारों ने लकड़ी के स्टूल की मदद से दोनों को जीने से अलग किया और तत्काल पुलिस को सूचना दी। बुरी तरह झुलसे दोनों युवकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. यह खबर सुनते ही परिजनों और दुकानदारों में कोहराम मच गया। घटना की सूचना पर ज्वांइट मजिस्ट्रेट रामनगर, मेला प्रभारी अधिकारी और बिजली विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे व जांच शुरू की है.

लापरवाही या तकनीकी गड़बड़ी, जांच में उलझी बिजली व्यवस्था: प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि लोहे के जीने में करंट पहले से उतर रहा था. कुछ लोगों ने अंदेशा जताया कि यह करंट दुकान की घरेलू वायरिंग से आया हो सकता है, जबकि कई लोग खंभे की खराब अर्थिंग को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. फिलहाल यह मामला जांच का विषय बना हुआ है। लोगों ने सवाल उठाया कि मेला परिसर जैसे सार्वजनिक स्थल पर इस तरह की लापरवाही आखिर कैसे हो गई. स्थानीय दुकानदारों और लोगों ने बिजली विभाग की घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की है. लोगों का कहना है कि अगर समय रहते खराब वायरिंग और खंभे की जांच की गई होती तो यह हादसा टल सकता था.

जांच का विषय बनी वायरिंग या अर्थिंग: फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि करंट घरेलू वायरिंग के कारण उतरा या खंभे की अर्थिंग में खराबी से. मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन लोगों का गुस्सा बिजली विभाग के प्रति साफ दिखाई दे रहा है.

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