हार्टअटैक ऐसी मौत का कारण बन गया है, जो कुछ सोचने समझने का मौका नहीं देता. बड़े-बूढ़े क्या आए दिन कोई न कोई युवा भी हार्टअटैक का शिकार हो रहे हैं. लखनऊ में एक 30 साल के सिपाही के सीने में अचानक दर्द उठा. वह बाइक चलाकर तेजी से अस्पताल पहुंचा और दवाई लेकिन फिर भी 10 मिनट के अंदर उसकी सांसों ने उसका साथ छोड़ दिया.
लखनऊ पुलिस के 30 वर्षीय सिपाही दीपक कुमार किराये के मकान में रहते थे. अचानक उनके सीने में दर्द उठा तो उन्होंने तुरंत बाइक निकाली और बाइक चलाकर खुद ही अस्पताल पहुंच गए. उन्होंने दवाई ली लेकिन फिर भी दस मिनट के अंदर उनकी सांसे टूट गईं. सिपाही दीपक कुमार माल थाने में तैनात था.
साथी पुलिस वालों का बयान: साथी पुलिसकर्मियों के मुताबिक दीपक को हार्टअटैक जैसी कोई शिकायत नहीं थी वो बिलकुल तंदरुस्त दिखते थे. अचानक सुबह इसके सीने में तेज दर्द हुआ. दर्ज ज्यादा होने की वजह से दीपक तुरंत बाइक चलाकर सीएचसी पहुंचे. डॉक्टर ने भी दीपक की हालत देखकर पूछा अकेले क्यों आए हो किसी को साथ लाना चाहिये था. इस पर दीपक ने जवाब दिया कि सुबह-सुबह कौन साथ आता, आप बस जल्दी से दवाई दे दो. डॉक्टर ने दीपक को दवाई दी और अगले दस मिनट में उसकी मौत हो गई.
पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे: सीएचसी ने दीपक कुमार की जेब से मिले कागजों की जांच की पता चला कि वो माल थाने में तैनात हैं. उनकी जेब से मिले फोन नंबर पर और थाने में सूचना दी गई.जानकारी मिलते ही सहायक पुलिस आयुक्त मलिहाबाद सुजीत कुमा दुबे, इंस्पेक्टर नवाब अहमत और डायल 112 प्रभारी धर्मेंद्र यादव कई अन्य पुलिसकर्मियों के साथ थाने पहुंचे. दीपक कुमार आगरा के रहने वाले थे. पुलिस ने उनके परिवार को खबर कर दी है. साथ ही दीपक कुमार का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. हालांकि डॉक्टरों का अनुमान है कि दीपक कुमार की मौत हार्ट अटैक से ही हुई है.















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