UP विधानसभा में नॉनस्टॉप चर्चा के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी विद्यालय को बंद नहीं करेंगे. विपक्ष पर हमला बोलते हुए सीएम ने कहा, ‘पीडीए पाठशाला के नाम पर आप क्या पढ़ा रहे हैं. यहीं तो आपके संस्कार हैं. कल्याण सिंह जब सीएम थे तो वह अध्यादेश लेकर आए थे. नकल को प्रतिबंध लगाया था. आप आए और आपने कहा कि नकल तो हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है. युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया था.’
योगी आदित्यनाथ ने नेता प्रतिपक्ष से कहा, ‘कल्याण सिंह के समय जब पाठ्यक्रम हिस्सा बनाया गया था कि ‘ग’ से गणेश भी होगा और ‘ग’ से गमला भी होगा तो आपने कह दिया कि ‘ग’ से गणेश नहीं होगा. यह सांप्रदायिक है, आपने भगवान को भी सांप्रदायिक बना दिया. आपने कह दिया ‘ग’ से गधा सबसे अधिक अच्छा होगा. आप यही पढ़ा रहे थे. ये समाजवादी पार्टी कर रही है. ये स्थिति है आपकी. आप लोग यही करते थे. सोच-सोच का फर्क है. ये मत पढ़ाइये, अपनी राजनीतिक विकृति की सोच का हिस्सा मासूम बच्चों को मत बनाइए. आपका मौन थे जब बच्चे एन्सेफ़लाइटिस के शिकार हो रहे थे. कौन लोग जिम्मेदार हैं? 50 हजार बच्चों की मौत हुई है 40 वर्षों में और इन 40 वर्षों में 4 बार समाजवादी पार्टी की सरकार रही है. मरने वाले बच्चे एससी-एसटी, अल्पसंख्यक और अति पिछड़ी जाति के बच्चे थे. आपको ये भी परेशानी है कि मेडिकल कॉलेज क्यों बनाए जा रहे हैं. थोड़ा व्यवस्था की जा रही है. डिप्टी सीएम को घुमा दीजिए, इसी बहाने भोजन भी करा दीजिए लेकिन आप लेकर नहीं जाना चाहेंगे. आप दुश्मनी रखना चाहेंगे. इस उम्र में दुश्मनी नहीं करनी चाहिए. आपको उपचार की जरूरत पढ़ेगी तो वहीं काम आएंगे.’
सीएम योगी ने कहा, ‘ये स्कूल पेयरिंग का हिस्सा बनेंगे. इनमें पेयरिंग के साथ ही 3 वर्ष से ऊपर के बच्चों के लिए प्री-प्राइमरी के रूप में बाल वाटिका चलाई जाएगी. प्रदेश में एक निश्चित उम्र से नीचे के कई बच्चे खून की कमी और कुपोषण के शिकार हैं. हम इन सभी बच्चों को बाल वाटिका और प्री-प्राइमरी में लाकर विशेष ‘सीएम पोषण मिशन’ लागू करना चाहते हैं. यह सीएम पोषण मिशन सभी बच्चों को लाभान्वित करने के लिए है. इसके लिए 100 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज तय किया गया है, जिसे आंगनवाड़ी केंद्र, प्री-प्राइमरी और बाल वाटिका में लागू किया जाएगा.’















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