UP के बदायूं में 12 अगस्त की रात एक दरोगा मनवीर सिंह की मां की गला रेतकर निर्मम हत्या करने का आरोपी धीरेंद्र सिंह पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार हो गया है. बदायूं के इस्लामपुरनगर थाने की पुलिस ने शनिवार की देर रात उसे अलीपुर जंगल में एक एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया था. उसके पैर में गोली लगी थी जिसके इलाज के लिए उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां से रविवार तड़के वह फरार हो गया. धीरेंद्र जिस बेड पर एडमिट था उसके सिरहाने पर एक हथकड़ी लगाई थी जिसमें संभवत: उसका एक हाथ लॉक किया गया होगा. इसके अलावा पहरा भी था लेकिन इन सबको धता बताते हुए हत्यारोपी हिस्ट्रीशीटर अस्पताल से फरार हो गया. जाहिर है, उसके इस तरह फरार होने लेकर कई सवाल उठ रहे हैं.
धीरेंद्र को गिरफ्तार करने के दौरान पुलिस ने उसके पास से हत्या में इस्तेमाल की गई हंसिया, तमंचा, कारतूस और लूटा गया सामान बरामद किया गया था. मुठभेड़ में घायल होने पर उसका मेडिकल रूदायन सीएचसी में कराया गया और इसके बाद उसे जिला अस्पताल लाया गया था. एक्स-रे रिपोर्ट आने तक धीरेंद्र को हड्डी वार्ड में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार तड़के करीब 5:30 बजे वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया. फरारी के समय वार्ड में हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र सिंह और सिपाही कुशहर ड्यूटी पर मौजूद थे. आरोपी की तलाश में सिविल लाइंस, कोतवाली, एसओजी की पुलिस टीम ने लगाई हैं. पुलिस धीरेंद्र को रोडवेज बस अड्डा, जंगलों और संवेदनशील स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. साथ ही अस्पताल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं.
बताते चलें कि धीरेंद्र ने 12 अगस्त की रात हापुड़ जिले के बहादुरगढ़ चौकी क्षेत्र में तैनात दरोगा मनवीर सिंह की मां ज्ञानदेवी उर्फ रातरानी की लूट के बाद हत्या कर दी थी. धीरेंद्र पर पहले से ही 12 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं और वह हिस्ट्रीशीटर घोषित है. पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात के चार दिन बाद उसे मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था, लेकिन जिला अस्पताल से फरारी ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पुलिस की चुस्ती पर उठे सवाल: जिला अस्पताल से हिस्टीशीटर और एक दरोगा की मां के हत्यारोपी के फरार होने से बदायूं पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. लोग पुलिस की चुस्ती पर सवाल उठा रहे हैं. बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल के हड्डी वार्ड में भर्ती धीरेंद्र सिंह वार्ड में सुरक्षा के लिए तैनात हेड कांस्टेबल और सिपाही की मौजूदगी में फरार हुआ है. सिविल लाइंस और कोतवाली पुलिस बस अड्डे से लेकर जंगल तक उसकी सर्च ऑपरेशन चला रही है.
12 से अधिक मुकदमे हैं दर्ज: अस्पताल से फरार अपराधी पर 12 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं. उसके यूं फरार हो जाना पुलिस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार करने को पुलिस ने एक चुनौती के तौर पर लिया है.















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