सीतापुर के स्कूली बच्चों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने प्राइमरी स्कूलों के विलय की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है. गुरुवार को हुई सुनवाई में याची पक्ष की ओर से अधिवक्ता गौरव मेहरोत्रा ने कोर्ट को बताया कि सीतापुर में स्कूलों का जबरन विलय किया जा रहा है, जिससे बच्चों और अभिभावकों को दिक्कतें होंगी. इस पर कोर्ट ने सरकार से अपना पक्ष साफ करने को कहा.
राज्य सरकार ने कोर्ट को जानकारी दी कि जिन स्कूलों के बीच की दूरी एक किलोमीटर से कम है और जिनमें 50 से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं, उनका विलय नहीं किया जाएगा. इस पर मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने सरकार से इस संबंध में पास किए गए आदेश की प्रति पेश करने को कहा.
कोर्ट ने साफ कहा कि सरकार की ओर से दाखिल रिकॉर्ड में कुछ विसंगतियां मिली हैं, इसलिए अगली सुनवाई तक सीतापुर जिले में चल रही कार्रवाई पर रोक लगाई जाती है. अब इस मामले की सुनवाई 1 सितम्बर को होगी. गौरतलब है कि अभिभावकों की ओर से दायर अपील में हाईकोर्ट की एकल पीठ के 7 जुलाई 2025 के आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें स्कूलों के विलय के खिलाफ दायर याचिकाएं खारिज कर दी गई थीं.















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