मंत्री पति अनिल शुक्ला ‘वारसी’ को BJP का नोटिस, कहा था-‘आप कहें तो हम लोग फांसी पर लटक जाएं’

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कानपुर भाजपा की कलह लखनऊ तक पहुंच गई है. पार्टी महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ल ने कानपुर देहात के पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज शुक्ला, राजेश तिवारी और मंत्री प्रतिभा शुक्ला के पति और पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी को नोटिस जारी किया है.

नोटिस में कहा गया है कि तीनों नेताओं की गतिविधियां पार्टी के आचरण के विपरीत हैं. ये अनुशासनहीनता है। तीनों नेता 7 दिन में अपना जवाब दें. गोविंद नारायण शुक्ला ने कहा कि नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो तीनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

सोमवार को मनोज शुक्ला और राजेश तिवारी ने होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. मनोज शुक्ला, राजेश तिवारी, दोनों पूर्व जिलाध्यक्ष सोमवार शाम को अकबरपुर के एक होटल में पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज शुक्ला, राजेश तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इसमें कहा था कि सत्ता में आने के बाद दूसरे दलों से आए नेता मठाधीश बन गए हैं. पार्टी को व्यक्तिगत हित साधने का चारागाह बना लिया है.

उन्होंने कहा था कि चारों विधायक भ्रष्ट हैं. कोई बसपा से आया, कोई सपा से तो कोई कांग्रेस से. इनमें से कोई भी पुराना भाजपाई नहीं है. ये लोग चलती रेलगाड़ी में सवार होकर बस लूटने में लगे हैं. ये नेता भाजपा की नीतियों से कोई सरोकार नहीं रखते. बल्कि पुराने दलों की तरह अवैध खनन, सड़कों के ठेके और वसूली जैसे कामों में लगे हैं. खनन स्थलों पर मंत्री और उनके परिजन पहुंचकर बवाल करते हैं जिससे पार्टी की छवि धूमिल हो रही है.

24 जुलाई को मंत्री प्रतिभा शुक्ला और उनके पति ने कोतवाली के बाहर धरना दिया था अनिल शुक्ल वारसी योगी सरकार की राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला के पति हैं. 24 जुलाई को अनिल शुक्ल और उनकी पत्नी ने कानपुर देहात के कोतवाली में 6 घंटे धरना दिया था. मंत्री ने कोतवाली प्रभारी सतीश सिंह पर भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठा SC/ST एक्ट का मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाया था.

मंत्री ने कहा था- ये समाजवादी सरकार नहीं है, ये योगी जी की सरकार है. यहां झूठे मुकदमे नहीं चलेंगे. अनिल शुक्ल वारसी ने डिप्टी सीएम बृजेश पाठक से फोन पर बात कर नाराजगी जाहिर की थी. कहा था- आप कहें तो हम लोग राजनीति छोड़ दें और फांसी पर लटक जाएं. इसके बाद एसपी अरविंद मिश्रा ने मंत्री से बदसलूकी करने के आरोप में लालपुर चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया था. इसी मामले को लेकर योगी सरकार ने अनिल शुक्ल को नोटिस जारी किया है.

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