अगर मेरी हत्या हुई तो असली दोषी अखिलेश यादव, पूजा पाल ने सपा अध्यक्ष को चिट्ठी में खूब सुनाया

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मुख्यमंत्री तारीफ करने के बाद पिछले हफ्ते समाजवादी पार्टी से निकाली गई विधायक पूजा पाल ने पहले सीएम योगी और कल ही डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात की थी। अब उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को एक पत्र लिखकर खूब सुनाया है। दो पन्ने के लंबे चौड़े पत्र में पूजा पाल ने कई चुभते सवाल अखिलेश यादव से पूछे हैं। यह भी लिखा है कि सपा के लोग अब उन्हें धमकियां दे रहे हैं। लेकिन अब उन्हें मौत से भी डर नहीं लगता है। साथ ही लिखा कि अगर मेरी हत्या होती है तो वास्तविक दोषी समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव को ही माना जाय।

पूजा पाल ने कहा कि एक बेकसूर, विधवा, अनाथ, अति पिछड़े वर्ग की बेटी को समाजवादी पार्टी के लोग किस-किस तरह की गन्दी गन्दी गालियां सोशल मीडिया पर देते हैं, यहां तक की जान से मारने की भी धमकियां दी जाती हैं, किन्तु मैंने अपना वास्तविक लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। मेरे पति के हत्यारों को सजा मिल गई। अब मुझे मौत भी मिले तो भी गर्व ही होगा। कहा कि आपने मुझे जिस तरह बीच रास्ते में अपमानित कर मरने के लिये छोड़ दिया है, जिससे समाजवादी पार्टी के अपराधी अनुयायियों का मनोबल बहुत बढ़ गया है, इसलिये सम्भव है मेरे पति की तरह मेरी भी हत्या हो जाय।

पूजा पाल ने कहा कि निष्कासन का दर्द इतने बड़े-बड़े दर्द सहने के बाद मुझे बहुत छोटा दिखता है। सपा की ओर से शिवपाल यादव ने कहा था कि पूजा पाल का अब कभी विधायक नहीं बन सकेंगी। इसका भी जवाब दिया है। कहा कि मुझे उत्तर प्रदेश की जनता और अपने पाल समाज के लोगों पर पूरा भरोसा है। हमारा समाज हमारी शक्ति बनेगा और मैं फिर लड़ूंगी और जीतूंगी।

सपा में पिछड़े-दलित दूसरे दर्जे के नागरिक: पूजा पाल ने कहा कि मैं विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करके बिना सपा के सहयोग के ही दो बार विधायक बनी। मेरे पति के हत्यारे को पहले की सरकारों द्वारा संरक्षण दिया जाता रहा। आपके (अखिलेश यादव के) आने के बाद हमें आपके कार्य व्यवहार से ऐसा आभास हुआ कि अपराधियों के विरूद्ध आप हम जैसे पिछड़े और गरीब लोगों को भी न्याय दिला सकते हो। इसी कारण मैनें समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं के कहने से सपा ज्वाइन कर चुनाव लड़ी और तीसरी बार विधायक बनी।

जब मैं समाजवादी पार्टी में कार्य करने लगी तो मुझे एहसास होने लगा कि यहां पिछड़े, अति पिछड़े और दलित सब दूसरे दर्जे के नागरिक हैं। पहले दर्जे के नागरिक तो मुस्लिम ही हैं। वह चाहे जितने बड़े अपराधी हों, उनको सम्मान देना, उनको ताकत देना, उनकी शक्ति बढ़ाना समाजवादी पार्टी की पहली प्राथमिकता है। मैंने बहुत प्रयास किया कि आप हमारे पति के हत्यारों को उनके किये कि सजा दिलायेगें, लेकिन उत्तरोत्तर प्रयास के बावजूद सिर्फ निराशा ही हाथ लगी।

भाजपा में अपराधियों को मिलती है सजा: पूजा पाल ने लिखा कि भारतीय जनता पार्टी में चाहे जितना बड़ा अपराधी हो उसे सजा दी जाती है, ऐसा एहसास हमको होने लगा और जिसका परिणाम हम और सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश वासियों ने देखा। जब मेरे पति के हत्यारे व उनके परिवारवालों को दण्ड मिला तो समाजवादी पार्टी और सैफई परिवार के प्रत्येक सदस्य ने मेरे पति के हत्यारे के पक्ष में सदन से सड़क तक आवाज बुलन्द की। इस कारण मुझे आपकी नीतियों से भरोसा उठ गया।

आपने मुझे पार्टी से निष्कासित कर दिया है। कम से कम एक बार मेरे द्वारा पार्टी के भीतर किये गये गुनाहों की जानकारी देते हुए हमारा पक्ष भी मांगा जाना चाहिये था। जब मैं अपने ऊपर आपके द्वारा लगाये गये आरोपों का जवाब आपको भेजती तो दोनों पक्षों, आपके निष्कासन के कारण और उस पर हमारा जवाब उत्तर प्रदेश की जनता कम से कम देखती, सुनती तो निर्णय ले पाती कि क्या सचमुच आप सम्पूर्ण पीडीए के संरक्षक हो या सिर्फ पिछड़ों और दलितों को छलने का काम समाजवादी पार्टी कर रही है।

भाजपा को वोट देने जुर्म तो… पूजा पाल ने पूछा कि यदि आपने मुझे भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा के प्रत्याशी को वोट देने के कारण पार्टी से निष्कासित किया है तो मैं पूछना चाहती हूं कि हमारे निष्कासन के बाद अभी आपने कास्टीट्यूशनल क्लब दिल्ली के चुनाव में खुद भाजपा प्रत्याशी को वोट दिया है तो आप हमे इस बात की सजा कैसे दे सकते हो। मेरा वोट देना गुनाह दिखता है और जब वही गुनाह आपकी पत्नी खुद भारतीय जनता पार्टी को कान्स्टीट्शनल क्लब में वोट देकर आती है तो वह गुनाह नही होता है। आप, आपकी पत्नी और आपकी पूरी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी को वोट दिया।

कई बार ऐसे अवसर आये जब आपने कभी कॉग्रेस को वोट दिया व दिलाया। कभी बसपा को वोट दिया और दिलाया। आपने अपने स्वार्थ में अपनी सैफई प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी को बढ़ाने के लिये दूसरे दलों को वोट दिलाकर और देकर समर्थन किया। अगर आप अपने स्वार्थ में ऐसा कर सकते हो तो नौ दिन की विवाहिता बेटी विधवा हो गयी और उसको किसी ने यदि न्याय दे दिया और हमने इतने बड़े काम के बदले न्याय देने वाले को सिर्फ धन्यवाद दे दिया तो मुझे पार्टी से निकाल दिया जाता है, जबकि यह भारतीय संस्कृति का हिस्सा है।

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