UP के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां रोज़ाना मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले एक युवक पर 4 करोड़ 42 लाख रुपए का जीएसटी बकाया थोप दिया गया. दरअसल, युवक के आधार और पैन कार्ड के जरिए जालसाजों ने एक फर्जी फर्म खड़ी कर डाली और केवल एक महीने में 24 करोड़ से अधिक का कारोबार दिखाकर करोड़ों का टैक्स बकाया छोड़ दिया.
गरीब मजदूर के नाम पर बना दी फर्जी फर्म: मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के धौरहरा गांव निवासी रोहित सरोज मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालते हैं. सीमित आमदनी के बीच जीने वाले रोहित को हाल ही में राज्यकर विभाग से करोड़ों रुपये के टैक्स का नोटिस मिला, जिसे देखकर उनके परिवार के होश उड़ गए। जांच में सामने आया कि ‘आरके ट्रेडर्स’ नाम से नीभापुर गांव के पते पर एक फर्म रजिस्टर्ड है, जिसके जरिए जून 2025 में 24.55 करोड़ रुपये का कारोबार दिखाया गया.
नौकरी का झांसा देकर लिया आधार-पैन: रोहित ने बताया कि कुछ समय पहले एक व्यक्ति ने खुद को रिश्तेदार बताकर उनसे संपर्क किया और नौकरी दिलाने का लालच दिया. उस दौरान उसने रोहित से आधार और पैन कार्ड की कॉपी मंगवाई और यहां तक कि मोबाइल पर आए ओटीपी भी हासिल कर लिए. रोहित को उम्मीद थी कि नौकरी मिलेगी, लेकिन अब वही कागजात उनके लिए मुसीबत का सबब बन गए.
नोटिस से सदमे में परिवार: करोड़ों के टैक्स नोटिस मिलने के बाद परिवार रो-रोकर अधिकारियों से अपनी बेगुनाही की गुहार लगा रहा है. रोहित का कहना है कि वह तो दिन-रात मेहनत मजदूरी करके बमुश्किल परिवार चलाते हैं, ऐसे में करोड़ों रुपये चुकाना तो नामुमकिन है.
पुलिस जांच में जुटी: फर्जीवाड़े का शिकार हुए रोहित ने पुलिस महानिरीक्षक और उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंगराबादशाहपुर पुलिस ने जालसाजों की तलाश शुरू कर दी है.
















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