धर्मनगरी वाराणसी में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) की एक विदेशी शोध छात्रा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में उसके कमरे में मिला है. मृतक छात्रा की पहचान रोमानियाई नागरिक फिलिप फ्रांसिसका के रूप में हुई है, जो इंडियन फिलॉसफी में शोध कर रही थी. घर का दरवाजा अंदर से बंद था। पुलिस के अनुसार, सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची टीम ने जांच शुरू कर दी है.
शुरुआती जांच में पता चला है कि छात्रा को बचपन से मिर्गी के दौरे पड़ते थे, हालांकि कमरे से कोई दवा बरामद नहीं हुई है. छात्रा का वीजा 2027 तक वैध था और वह काफी समय से वाराणसी में रह रही थी. इससे पहले वह सूरत और अमृतसर में भी पढ़ाई कर चुकी थी. मिली जानकारी के मुताबिक उसने एक कुत्ता पाल रखा था.
वह खुद को वैरागी-अघोरी मानती थी: शमसान में शव की राख के सामने काले कपड़े में उसे सिद्धि और योग करते देखा गया था. जटा-जूट में भी कुछ फोटो मिले हैं. फिलहाल, पुलिस ने छात्रा का मोबाइल, पासपोर्ट और वीजा जब्त कर लिया है और फील्ड यूनिट द्वारा कुछ नमूने भी लिए गए हैं.
रोमानियाई दूतावास और बीएचयू प्रशासन को जानकारी इस घटना की जानकारी रोमानियाई दूतावास और बीएचयू प्रशासन को दे दी गई है, और पुलिस छात्रा के परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है. मौत के असली कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस ने मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की है, जो इस घटना के सभी पहलुओं की जांच करेगी. मृतका फिलिप के दोस्तों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसके पीछे क्या रीजन हो सकता है. कहीं वो मानसिक रूप से परेशान नहीं थी. कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआहै.















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