गोंडा की सीएमओ ने बच्चों की मौत को लेकर विवादित बयान दिया. डॉक्टर रश्मि वर्मा ने कहा कि एक बच्चा मर गया तो क्या हो गया। हजारों जिंदा हैं…जाकर लड्डू खाइए ना. सीएमओ के इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर बवाल मचा हुआ है. लोग उन्हें हटाए जाने की मांग कर रहे हैं.
दरअसल, गोंडा में बिना रजिस्ट्रेशन प्राइवेट नर्सिंग होम संचालित हो रहा था. यहां पर भर्ती दो नवजात बच्चों की मौत हो गई. पहले मामले में परिजनों को अस्पताल की ओर से 54,482 रुपए का कच्चा बिल दिया गया, दूसरे मामले में लापरवाही सामने आने पर सीएमओ ने जांच टीम भेजी. न्यू बॉर्न इंसेंटिव केयर यूनिट (NICU) वार्ड को सील करवा दिया था.

गोंडा सीएमओ रश्मि वर्मा ने कहा- एक बच्चा मर गया तो सब आ गए. जब हजारों पैदा होते हैं तो कोई नहीं आता. जाइए जाकर लड्डू खाइए. इसमें क्या गलत कहा. जो लोग मेरे खिलाफ वीडियो वायरल कर रहे हैं, उन्हें करने दीजिए. मैं ऐसी चीजों को नजरअंदाज करती हूं. लखनऊ सीएमओ कार्यालय से ट्रांसफर होकर 1 जुलाई 2022 को गोंडा आई रश्मि वर्मा का रिकॉर्ड कुछ खास अच्छा नहीं रहा है. यह पहली बार नहीं है जब डॉ. रश्मि वर्मा विवादों में घिरी हों. जिले की सातों विधानसभा के विधायक उन पर पहले भी भ्रष्टाचार और मनमानी के आरोप लगा चुके हैं.
गोंडा स्वास्थ्य विभाग में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों पर दवाओं और उपकरणों की खरीद में बड़े पैमाने पर घोटाले का आरोप है. शिकायत मिलने के बाद तत्कालीन कमिश्नर देवीपाटन मंडल ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी. जांच रिपोर्ट में सामने आया कि करीब 3 करोड़ 93 लाख रुपए के सरकारी धन का बंदरबांट किया गया. रिपोर्ट में गोंडा सीएमओ समेत कई अधिकारियों को प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता का दोषी पाया गया.















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