कानपुर में फर्जी जज ने पुलिस पर कुत्ते छोड़े, नवाबगंज स्थित घर से बरामद हुए 43 लाख

Spread the love

जज बनकर लखनऊ KGMU की नर्सिंग ऑफिसर को शादी का झांसा देने वाले ठग को कानपुर पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है. सोमवार सुबह पुलिस की टीम जब आरोपी के नवाबगंज स्थित घर पहुंची तो आरोपी ने 2 कुत्तों को छोड़ दिया.

पुलिस टीम किसी तरह अंदर पहुंची. आरोपी विष्णुशंकर गुप्ता और पूर्व पत्नी आयुषी घर में ही मिले. पुलिस की 3 घंटे की पूछताछ में आरोपी कुछ नहीं बोले. पुलिस ने जब गधे पर बैठाकर मोहल्ले में घुमाने और मुनादी कराने की बात कही, तब घर में रखे 25 लाख रुपए और दूसरी जगह रखे 17.50 लाख रुपए बरामद कराए. दोनों को जेल भेज दिया गया है. नर्सिंग अफसर को झांसा देने के पहले वह आईएएस-आईपीएस बनकर कम से कम 10 लड़कियों-महिलाओं को अपना शिकार बना चुका है. शादी करने से पहले उसने अपनी पत्नी को भी ठगा था. विष्णु शंकर की जाल में फंसकर एक युवती सुसाइड भी कर चुकी है. कानपुर सेंट्रल डीसीपी श्रवण कुमार सिंह ने सोमवार को मामले का खुलासा किया. केजीएमयू लखनऊ में कार्यरत महिला अधिकारी ने कर्नलगंज थाने 60 लाख रुपए ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

लखनऊ की रहने वाली युवती KGMU में नर्सिंग ऑफिसर है. नर्सिंग ऑफिसर ने बताया था कि पिता ने उनकी शादी के लिए मेट्रोमोनियल साइट पर फरवरी 2025 में विज्ञापन दिया था. विज्ञापन देखकर एक युवक ने मेरे पिता से संपर्क कर खुद को आजमगढ़ में तैनात जज वाराणसी निवासी अंशुमान विक्रम सिंह बताया.था। उसने बताया कि वह वर्तमान में आजमगढ़ में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के रूप में कार्यरत है. उसने अपनी बातों से पिता को इंप्रेस कर, मेरा नंबर हासिल कर लिया. जज होने के कारण मैंने भी उसका बायोडाटा देखा और शादी के लिए हामी भर दी.

एक करोड़ की लग्जरी कार खरीदने का दिया झांसा: युवती ने बताया कि इसके बाद मेरे पास जुलाई की शुरुआत में फोन आया. उसने खुद को अंशुमान विक्रम सिंह ACJ (JD) सीतापुर बताया था। चूंकि, शादी तय थी इसलिए दोनों में बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया. बातचीत के दौरान नर्सिंग ऑफिसर का भरोसा जीता, फिर जुलाई के आखिरी सप्ताह में 1 करोड़ की लग्जरी कार खरीदने की बात बताई. खुद को न्यायिक अधिकारी होने का हवाला देते हुए कहा कि अगर एक करोड़ की गाड़ी खरीदी और पैसों का हिसाब नहीं दे पाया तो फंस जाऊंगा. झांसे में आकर नर्सिंग ऑफिसर उसे सैलरी से सेविंग की गई 14 से 15 लाख रुपए देने को तैयार हो गई. उसने एक करोड़ का लोन कराने को कहा और यह भी भरोसा दिलाया कि वह जल्द ही लौटा देगा। वह राजी हो गई.

यह सीसीटीवी 7 सितंबर का कानपुर सिविल लाइन स्थित रेव–थ्री मॉल का है.

कानपुर बुलाया पैसा लेने के लिए: नर्सिंग ऑफिसर के मुताबिक फर्जी जज ने लखनऊ के सीमांत अग्रवाल नामक व्यक्ति का मोबाइल नंबर दिया. उसने नर्सिंग अफसर से पूरी रकम अकाउंट से निकाल कर नकदी रखने को बोला. युवती ने बताया कि उसने अकाउंट से 30 जुलाई को 13 लाख रुपए और 4 अगस्त को 1 लाख रुपए कैश निकाल लिया. रक्षाबंधन वाले दिन 9 अगस्त 2025 को सीमांत अग्र‌वाल लखनऊ में उसके घर आया. उसने आवश्यक डॉक्यूमेंट्स लिया. इसके बाद इंडियन बैंक और आईसीआईसीआई बैंक अकाउंट में कुल 44 लाख 54 हजार रुपए आ गए.

डीसीपी ने बताया- 380 कैमरे खंगालकर 5 दिनों में ठग तक पहुंची पुलिस। नर्सिंग ऑफिसर को रेव-थ्री मॉल ले गया था शातिर उसने 1 सितंबर को 6 लाख, 4 सितंबर को 20 लाख और 4 सितंबर को 19.50 लाख रुपए निकाला. युवती ने बताया कि 7 सितंबर को वह 59.50 लाख रुपए लेकर कानपुर पहुंच गई. कानपुर में उसे फर्जी जज मिला. वह दोनों एक कार से रेव–थ्री मॉल पहुंचे. मॉल के बाहर गली में अपनी कार खड़ी कर दी और उसमें ही 59.50 लाख रुपए छोड़ दिए। फिर दोनों मूवी देखने पहुंचे.

नर्सिंग ऑफिसर ने बताया था कि उसकी मुलाकात मेट्रोमोनियल साइट पर हुई थी. युवती ने बताया कि घबराहट का बहाना बनाकर वह 20 मिनट में ही मूवी हॉल से बाहर आया और फिर गायब हो गया. काफी देर तक वह नहीं पहुंचा तो कॉल किया. वह कभी जाम तो कभी कोई और बहाना बनाता रहा। कुछ देर में स्विच ऑफ हो गया.

पीड़ित युवती KGMU में नर्सिंग ऑफिसर है. कानपुर के कर्नलगंज थाने में FIR दर्ज कराई है. विष्णुशंकर, नर्सिंग अफसर को ठगने के पहले भी कईयों को ठग चुका है. पुलिस ने बताया कि 10 से अधिक लड़कियों व महिलाओं को वह कभी आईएएस तो कभी आईपीएस बनकर ठग चुका है. एक युवती तो सुसाइड कर चुकी है. पुलिस ने बताया कि विष्णुशंकर ने अपनी पत्नी आयुषी को भी ठगा था. लेकिन बाद में उसने आयुषी से शादी कर ली. दोनों के बीच तलाक हो चुका है लेकिन मिलकर ठगी का धंधा करते थे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *