आगरा में शाहजहां द्वारा बनाए गए ताजमहल का दीदार करना हर कोई शख्स बार-बार चाहता है, लेकिन अब यह दीदार करना महंगा पड़ेगा. इसकी एंट्री फीस बढ़ाने की तैयारी चल रही है. खबरों के अनुसार, आगरा विकास प्राधिकरण ने ताजमहल की विजिटिंग फीस (Taj Mahal Visiting Fees) बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है. इसमें घरेलू पर्यटकों के लिए 30 रुपये और विदेशी पर्यटकों के लिए प्रवेश शुल्क 100 रुपये बढ़ाने का प्रस्ताव है. इससे भारतीय टूरिस्ट के लिए प्रवेश शुल्क बढ़कर 80 रुपये हो जाएगा. विदेशी टूरिस्ट के लिए यह एंट्री फीस बढ़कर 1200 रुपये हो जाएगी. आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) के इस प्रस्ताव पर बस सरकार की ओर से मुहर का इंतजार है. दलील यह दी गई है कि तमाम बुनियादी सुविधाओं के लिए लागत बढ़ गई है, लिहाजा एंट्री फीस में लंबे समय बाद बढ़ोतरी आवश्यक है.
ताजमहल की एंट्री फीस कितनी है
खबरों के अनुसार, आगरा विकास प्राधिकरण ने ताजमहल की विजिटिंग फीस बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है. इसमें घरेलू पर्यटकों के लिए 30 रुपये और विदेशी पर्यटकों के लिए प्रवेश शुल्क 100 रुपये बढ़ाने का प्रस्ताव है. इससे भारतीय टूरिस्ट के लिए प्रवेश शुल्क बढ़कर 80 रुपये हो जाएगा. विदेशी टूरिस्ट के लिए यह एंट्री फीस बढ़कर 1200 रुपये हो जाएगी. आगरा विकास प्राधिकरण के इस प्रस्ताव पर बस सरकार की ओर से मुहर का इंतजार है. दलील यह दी गई है कि तमाम बुनियादी सुविधाओं के लिए लागत बढ़ गई है, लिहाजा एंट्री फीस में लंबे समय बाद बढ़ोतरी आवश्यक है.
आगरा विकास प्राधिकरण का प्रस्ताव
अगर किसी टूरिस्ट को ताजमहल के मुख्य डोम यानी गुंबद के पास जाना है तो उसे 200 रुपये और देने पड़ते हैं. एक मसला और है कि एंट्री फीस में से 80 फीसदी पैसा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के पास जाता है और 20 फीसदी ही आगरा विकास प्राधिकरण को मिलता है. यानी 50 रुपये के भारतीय पर्यटक के टिकट में महज दस रुपये ही प्राधिकरण को मिलते हैं. प्राधिकरण चाहता है कि उसे भी बराबर की रकम मिले. फॉरेन टूरिस्ट की एंट्री फीस में प्राधिकरण को 1100 में 500 मिलते हैं, जो 100 रुपये बढ़ते ही एएसआई के बराबर हो जाएगी.















Leave a Reply