गोरखपुर के एक ऑयल प्लांट में शुक्रवार सुबह 4 बजे आग लग गई. 12 घंटे से लपटें उठ रहीं हैं. जिस टैंक में आग लगी है, उसमें 50 हजार लीटर हेक्सेन गैस है. सुबह से दमकल की 25 गाड़ी से पानी डाला जा रहा है, लेकिन अब तक आग बुझ नहीं पाई. डीएम-कमिश्नर, एसएसपी, आईजी मौके पर पहुंच गए हैं. दिल्ली से टेक्निकल एक्सपर्ट की 5 सदस्यीय टीम भी पहुंच चुकी है.
चीफ फायर अफसर ने बताया कि ऑयल प्लांट के 500 मीटर इलाके में बनी करीब 3 छोटी-बड़ी फैक्ट्रियों को बंद करा दिया है. बैरिकेडिंग कर दी है. पब्लिक को घटनास्थल तक नहीं जाने दिया जा रहा है. फायर टीम को डर है कि आग टैंक के अंदर पहुंच गई तो विस्फोट हो सकता है. इसलिए कूलिंग की जा रही है.

गोरखपुर में गोरखपुर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी गीड के सेक्टर-15 में राजेश रूंगटा की रूंगटा इंडस्ट्रीज लिमिटेड का ब्रान ऑयल (चावल की भूसी का तेल) का प्लांट है. इसमें 50 हजार लीटर हेक्सेन गैस का टैंक बना है. शुक्रवार तड़के टैंक में जिस पाइप से गैस सप्लाई होता है, उसमें आग लग गई. इससे तेज लपटें उठने लगीं। फैक्ट्री में भगदड़ मच गई. कर्मचारी बाहर आ गए. थोड़ी ही देर में फायर ब्रिगेड की टीम पहुंच गई. आग बुझाने के लिए 4 फायर अधिकारियों की टीम बनाई गई.
पिछले 12 घंटे से बुझाने की कोशिश की जा रही है. डीएम दीपक मीणा ने कहा- आयल में आग लगने से अंदर वेपर बन रहा है. जिस टीम ने इस प्लांट का इंस्टालेशन किया है, उन्हें भी बुलाया गया है. 4 इंजीनियर दिल्ली से पहुंचे हैं। अभी तक कोई जनहानि नहीं है.
एक्सपर्ट ने बताया कि आग दो ही कंडीशन में बुझ सकती है. या तो उस टैंक में ऑयल सप्लाई को कट किया जाए या फिर जब पूरा ऑयल खत्म हो जाएगा तभी आग बुझ पाएगी. ऑयल प्लांट के पास टेक्निकल टीम नहीं है जो ये बता पाए कि कहां से सप्लाई को कट किया जाए. इसीलिए, इसे इंस्टॉल करने वाली टीम को दिल्ली से बुलाया गया है.
फायर ब्रिगेड की टीम 9 घंटे से पानी डालकर टैंक को ठंडा कर रही है. बालू भी मंगाई गई है। उसे टैंक के करीब डालकर उसे गीला किया जाएगा ताकि टैंक ठंडा रहे और विस्फोट जैसे स्थिति न बन पाए. ऑयल फैक्ट्री 3 एकड़ में बनी है. आसपास इंडेन और एचपी की एजेंसी है. प्रशासन को डर है कि अगर विस्फोट हुआ तो हालात बिगड़ सकते हैं.















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