कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में सोमवार को आवास विकास की जमीन कब्जा मुक्त कराने गई टीम को लोगों का जमकर विरोध सहना पड़ा. बुजुर्ग और महिलाएं जेसीबी के आगे लेट गए और टीम को वापस जाने को कहा. लगभग एक घंटे तक अभियान भी रोकना पड़ा. जिसके बाद भारी मात्रा में पुलिस और पीएसी बल के साथ अभियान को आगे बढ़ाया गया. महिला फोर्स ने विरोध कर रही महिलाओं को वहां से हटाया, जिसके बाद जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया. आवास विकास ने यह जमीन पेट्रोलियम विभाग को बेची है और उन्हीं के लिए खाली कराई है.

अभियान के विरोध में बुजुर्ग जेसीबी के आगे लेट गए.
पौने चार बीघा जमीन कराई गई मुक्त: कल्याणपुर आवास विकास-3 में कम्युनिटी सेंटर के पास सोमवार को करोड़ों की पौने चार बीघे जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए आवास विकास परिषद पहुंची थी. टीम के साथ भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी भी मौजूद रही जिसके बाद इस जमीन पर काबिज परिवार को हटाया गया.
वहीं जमीन में काबिज परिवार का कहना था कि यह उनकी पुश्तैनी जमीन है और अधिकारी अवैध रूप से उन्हें हटा रहे हैं. इसी के विरोध में पहले महिलाएं जेसीबी के आगे बैठ गई. जिसके कारण एक घंटे तक अभियान रुका रहा. वहीं जब महिलाओं को हटाया गया तो परिवार के बुजुर्ग जेसीबी के आगे कूद गए. लेकिन जैसे-तैसे करके जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया.

पुलिस और महिलाओं के बीच भी तीखी नोंकझोंक हुई.
लोग बोले, कोर्ट में चल रहा है मामला: आवास विकास निवासी सूरज प्रसाद शुक्ला ने बताया कि उनकी जमीन पर अवैध रूप से बुलडोजर चलाया गया है. यह उनकी पुश्तैनी जमीन है. जो उनके और उनके दो भाई स्व. भगवती प्रसाद और राधे श्याम शुक्ला के नाम हैं. वर्तमान में जमीन पर उनके परिवार का कब्जा है.
उन्होंने आवास विकास पर आरोप लगाया कि परिषद उन्हें सर्किल रेट से भी कम मुआवजा दे रहा था. जब उन्होंने मुआवजा लेने से मना कर दिया, तो आवास विकास ने यही जमीन पेट्रोलियम विभाग को करीब 27 करोड़ रुपये में बेच दी. जिसके बाद उनका परिवार कोर्ट की शरण में गया और वर्तमान में यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है.
16 को सुनवाई, एक दिन पहले हुई कार्रवाई: परिवार के लोगों ने बताया कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है और 16 दिसंबर 2025 को इसकी सुनवाई होनी है लेकिन इससे पहले ही अधिकारियों ने 15 दिसंबर को बुलडोजर की कार्रवाई कर दी. गोपाल शुक्ला ने बताया कि मामला हाईकोर्ट फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रहा है. उन्होंने आवास विकास परिषद पर जबरन जमीन हथियाने का आरोप लगाया.
परिवार बोला, कर लेंगे आत्महत्या: पुलिस और पीएसी की मौजूदगी में काफी देर गरमा गरमी और झड़प के बाद आवास विकास ने जमीन को खाली करा लिया जिसके बाद परिवार के लोगों ने अधिकारियों और विभाग पर गंभीर आरोप लगाए. इसके साथ ही लोगों का कहना था कि अगर उन्हें न्याय न मिला तो परिवार आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएगा जिसकी जिम्मेदारी शासन की होगी.
वहीं कल्याणपुर थाना प्रभारी राजेंद्र कांत शुक्ला ने बताया कि आवास विकास परिषद ने जमीन खाली कराने के लिए फोर्स मांगी थी, जो भेज दी गई थी कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन उन्हें समझा बुझाकर शांत करा दिया गया था.
















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