गाजियाबाद में पति-पत्नी ने मिलकर फ्लैट मालकिन की हत्या कर दी. 6 महीने का बकाया किराया मांगने पहुंची दीपशिखा को देखकर किराएदार बौखला गए. उन्हें अंदर बुलाकर कुकर से हमला कर दिया. खूब मारा-पीटा. फिर दुपट्टे से गला घोंटकर मार डाला.
लाश को ठिकाने लगाने के लिए दीपशिखा को चाकू से काटा डाला. छोटे-छोटे टुकड़े करके लाश को सूटकेस में पैक किया और बेड बॉक्स में छिपा दिया. काफी देर तक महिला घर नहीं पहुंची तो परिजनों को चिंता हुई. उन्होंने तलाश शुरू की. कुछ पता नहीं चला तो सोसाइटी का CCTV चेक किया. इसमें महिला किराएदार के फ्लैट में जाते हुए दिखाई दी, लेकिन बाहर नहीं आई. परिजन की शिकायत पर पुलिस ने किराएदारों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की. पति-पत्नी ने जुर्म कबूल कर दिया. उनकी निशानदेही पर महिला का शव बरामद किया. शव देखते ही परिजन रोने लगे. पुलिस ने उन्हें समझाकर शांत कराया. घटना 17 दिसंबर को राजनगर एक्सटेंशन में हुई.

आरोपी अजय गुप्ता और उसकी पत्नी आकृति गुप्ता.
किराए पर दिया था फ्लैट: उमेश शर्मा, पत्नी दीपशिखा के साथ सिहानी गेट इलाके में रहते हैं. यहां से करीब 1 किलोमीटर दूर औरा चिमेरा सोसाइटी (Aura Chimera Socity) में उनका एक और फ्लैट है. उन्होंने इसे अजय गुप्ता और उसकी पत्नी आकृति गुप्ता को जुलाई 2025 में किराए पर दिया था.
किराया मांगने गई थी: परिजन के मुताबिक, 6 महीने से फ्लैट का किराया बकाया था. 17 दिसंबर की शाम को दीपशिखा घर पर बताकर किराया मांगने के लिए औरा चिमेरा सोसाइटी गईं. रात 11:20 बजे तक घर नहीं लौटी तो परिजन खोजते हुए बिल्डिंग में पहुंचे.
CCTV चेक किए: बिल्डिंग के लोगों से दीपशिखा के बारे में पूछताछ की. कहीं से कुछ पता नहीं चला तो गार्ड रूम से CCTV चेक किए। वीडियो में दीपशिखा अजय गुप्ता के फ्लैट में जाते दिखाई दीं. इसके बाद CCTV में उनके बाहर आने की कोई फुटेज नहीं थी.

भागने की कोशिश की, पकड़े गए: परिवार को शक हुआ तो वे सीधे फ्लैट पर पहुंचे. दरवाजा खटखटाया। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला. शोर सुनकर पड़ोसी भी पहुंच गए. फिर दरवाजा खुला। भीड़ देखकर अजय और उसकी पत्नी भागने लगे. लोगों ने दोनों को पकड़ लिया. पुलिस को फोन करके बुलाया। पुलिस ने अजय गुप्ता के कमरे की तलाशी ली. लेकिन शव नहीं मिला, फिर दोनों से सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि शव को बेड में छिपाया है.















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