CM योगी की सुरक्षा में फिर चूक, गाड़ी के बेहद करीब पहुंच गई गाय; 4 दिसंबर को आ गयी थी बस

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा में एक बार फिर बड़ी चूक सामने आई है. महज 15 दिनों के भीतर दूसरी बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के काफिले में सुरक्षा घेरा टूट गया. गोरखनाथ क्षेत्र में नए ओवरब्रिज के लोकार्पण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गाड़ी के बेहद करीब एक गाय पहुंच गई. हालांकि, मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए हालात पर तुरंत काबू पा लिया, लेकिन इस चंद सेकंड की चूक ने वीवीआईपी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. 

गोरखपुर पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ शुक्रवार शाम गोरखनाथ इलाके में नए ओवरब्रिज के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे ही कार्यक्रम स्थल पहुंचे, तभी अचानक एक गाय सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए काफिले के पास आ गई. कुछ पल के लिए मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया. हालांकि, सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता से तुरंत गाय को हटाया गया और मुख्यमंत्री का काफिला सुरक्षित आगे बढ़ गया. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. 

चार दिसंबर को काफिले के सामने आ गए थी बस:  वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया. नगर आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लापरवाही के आरोप में सुपरवाइजर अरविंद कुमार को तत्काल निलंबित कर दिया है. सबसे अहम बात ये है कि यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा में इस तरह की चूक हुई हो. इससे पहले 4 दिसंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब स्पोर्ट्स कॉलेज से एयरपोर्ट जा रहे थे, तब असुरन क्षेत्र में वार्निंग फ्लीट के सामने अचानक एक बस आ गई थी. उस मामले में भी सुरक्षा में लापरवाही सामने आई थी. इसके बाद तत्कालीन असुरन चौकी प्रभारी रविन्द्र चौबे को एसएसपी राजकरन नय्यर ने लाइन हाजिर कर दिया था. 

15 दिनों के भीतर दूसरी चूक:  महज 15 दिनों के भीतर मुख्यमंत्री योगी के काफिले में दूसरी बार हुई इस तरह की घटना ने पुलिस और प्रशासन की सुरक्षा तैयारियों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने साफ कहा है कि वीवीआईपी सुरक्षा से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. लगातार हो रही सुरक्षा चूक की घटनाएं अब सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि सिस्टम की गंभीर कमजोरी की ओर इशारा कर रही हैं. सवाल यह है कि क्या अब सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा होगी या फिर अगली चूक का इंतजार किया जाएगा?.

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