कोहरे का कहर: बिजनौर में डंपर से टकराई क्रेटा कार, सभी चार लोगों की मौत

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UP में कड़ाके की ठंड के साथ गिर रहे घने कोहरे (स्मॉग) ने एक बार फिर कहर ढाया है. बिजनौर के नांगलसोती थाना क्षेत्र में विजिबिलिटी कम होने के कारण दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. तेज रफ्तार क्रेटा कार सड़क किनारे खड़े डंपर में पीछे से जा घुसी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी चार लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. मृतकों में प्रसिद्ध हजरत कारी इकबाल भी शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार, रविवार को मंडावली क्षेत्र में एक धार्मिक जलसे का आयोजन किया गया था. इस कार्यक्रम में नांगलसोती थाने के गांव सराय आलम निवासी हजरत कारी इकबाल मुख्य रूप से शामिल होने गए थे. रात करीब 12 बजे जलसा संपन्न होने के बाद मंडावली थाना क्षेत्र के गांव राहतपुर निवासी सलाउद्दीन, अशफाक और अहतसाम, हजरत कारी इकबाल को उनकी क्रेटा गाड़ी से सराय आलम छोड़ने जा रहे थे. जैसे ही उनकी गाड़ी नांगलसोती थाना क्षेत्र के गांव अभिपुरा के समीप पहुंची, घने कोहरे के कारण चालक को सामने खड़ा खाली डंपर दिखाई नहीं दिया. अनियंत्रित क्रेटा कार पूरी रफ्तार के साथ डंपर के पिछले हिस्से में जा घुसी.

मौके पर ही थम गईं सांसें, घंटों की मशक्कत के बाद निकले शव: हादसे की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के ग्रामीण सहम गए और तुरंत मौके की ओर दौड़े. कार डंपर के नीचे इस कदर फंस गई थी कि उसमें सवार लोगों को बाहर निकालना नामुमकिन लग रहा था. सूचना मिलते ही नांगलसोती पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची. पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से कार के हिस्सों को काटकर चारों शवों को बाहर निकाला. डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया. मृतकों की पहचान सलाउद्दीन, अशफाक, अहतसाम (निवासी राहतपुर) और हजरत कारी इकबाल (निवासी सराय आलम) के रूप में हुई है.

परिजनों में कोहराम, क्षेत्र में शोक की लहर: हादसे की खबर जैसे ही गांव राहतपुर और सराय आलम पहुंची, वहां चीख-पुकार मच गई. कड़ाके की ठंड के बीच बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल और फिर अस्पताल पहुंचे. हजरत कारी इकबाल की मृत्यु की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है. पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में हादसे का मुख्य कारण अत्यधिक कोहरा और तेज रफ्तार लग रहा है. रात के समय विजिबिलिटी 10 मीटर से भी कम थी, जिस वजह से चालक डंपर का अंदाजा नहीं लगा पाया. जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि कोहरे के दौरान सड़क किनारे वाहन खड़ा न करें और वाहन की गति अत्यंत धीमी रखें. यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि सर्दी के मौसम में कोहरा सड़कों पर कितना खतरनाक साबित हो सकता है.

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