कानपुर के राजकीय बालिका गृह में नाबालिग के फिनायल पीने से हड़कंप, हालत गंभीर

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पुनीत शुक्ला, कानपुर।
कानपुर में नवाबगंज के राजकीय बाल गृह बालिका यूनिट–2 में 16 साल की सफाई ड्यूटी से नाराज होकर किशोरी ने फिनायल पीकर सुसाइड का प्रयास किया. उसे इलाज के लिए हैलट के बाल रोग विभाग में एडमिट कराया गया है, जहां उसकी हालत में सुधार हुआ है.

किशोरी के फिनायल पीने की जानकारी पर प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया. डीपीओ विकास सिंह ने प्रभारी अधीक्षिका आकांक्षा बाजपेई से पूरे मामले की जानकारी ली. अधीक्षिका ने बताया कि सफाई की ड्यूटी को लेकर साथी किशोरी झगड़े के बाद पीड़िता ने फिनायल पिया था.

14 अगस्त 2025 को आई थी बालिका गृह: नवाबगंज थानाक्षेत्र के सूर्य विहार स्थित राजकीय बालगृह बालिका यूनिट-2 की अधीक्षिका ने बताया कि 14 अगस्त 2025 को कन्नौज जिले के कुशलपुर तालिग्राम से 16 वर्षीय किशोरी आई थी. किशोरी के माता पिता ने रिश्तेदारों से एक बच्चे को गोद लिया था.

जिसके बाद बच्चे के माता-पिता ने उनके खिलाफ अपहरण का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पुलिस ने आरोपी माता–पिता को जेल भेज दिया था. रिश्तेदारों ने किशोरी को अपने साथ रखने से मान कर दिया, जिस पर उसे बालिका गृह भेजा गया था.

उन्होंने बताया कि बालिका गृह में कुल 71 बच्चे हैं, पीड़िता के साथ कन्नौज के ही फिरोजपुर निवासी 17 वर्षीय किशोरी समेत 3 अन्य लोगों के साथ रूम नंबर 25 में रहती थी. कहा कि बालिका गृह में एक–एक महीने के विभिन्न कामों के लिए किशोरियों की ड्यूटी लगाई जाती है.

सोमवार सुबह करीब 10 बजे फिरोजपुर निवासी किशोरी ने उसकी कमरे और बालकनी की साफ–सफाई की ड्यूटी लगाई थी. जिस पर उसने ड्यूटी बदलने को कहा, मना करने पर दोनों के बीच में विवाद होने लगा.

बाल्टी में पोछे के लिए रखा फिनायल मिला पानी पिया: इस दौरान 16 वर्षीय किशोरी ने पोछा लगाने के लिए बाल्टी में रखे फिनायल मिले पानी को पी लिया जिससे कुछ ही देर में उसकी तबियत बिगड़ने लगी. उल्टियां होने पर बालिका गृह के नरेंद्र व महिला कर्मियों ने किशोरी को हैलट अस्पताल के बाल रोग विभाग में भर्ती कराया.

जहां उसका इलाज बाल रोग विशेषज्ञ डॉ यशवंत राव ने शुरू किया. किशोरी के फिनायल पीने की सूचना पर प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया. डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने डीपीओ विकास सिंह से मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए.

जिसके बाद डीपीओ ने बालिका गृह अधीक्षिका से पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली. वहीं देर शाम को किशोरी की हालत डॉक्टरों ने खतरे से बाहर बताई. अधीक्षिका ने कहा कि पीड़िता के साथ रहने वाली किशोरी से पूरी जानकारी की गई है. दोनों के बीच ड्यूटी को लेकर विवाद हुआ था.

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