पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मतदान समाप्त होने और एग्जिट पोल के नतीजों के आने के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ गया है. चुनाव नतीजों से ठीक पहले ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं शशि पांजा और कुणाल घोष ने नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर स्ट्रांग रूम के सामने धरने पर बैठ गए हैं. दोनों नेताओं ने भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि पार्टी प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति में मतपेटियों को खोलने की कोशिश की जा रही है. दूसरी ओर ममता बनर्जी भी स्ट्रॉन्गरूम के बाहर पहुंच गई हैं. बताया जा रहा है कि शाखावत मेमोरियल स्कूल के बाहर ममता बनर्जी पहुंची हैं। यहां पर हाई वोल्टेज ड्रामा चल रहा है.
दरअसल, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी भवानीपुर के ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ पहुंचीं और ईवीएम में छेड़छाड़ और धांधली का आरोप लगाया. बनर्जी दक्षिण कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल पहुंचीं, जो भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र का मतगणना केंद्र है और जहां 29 अप्रैल को हुए मतदान की ईवीएम के लिए ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ बनाया गया है. बनर्जी शहर में हो रही मूसलाधार बारिश की परवाह किए बिना शाम को ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ स्थल पर पहुंचीं और अंतिम समाचार प्राप्त होने तक वह अंदर ही रूकी हुई थीं. कोलकाता के महापौर और कोलकाता पोर्ट सीट से टीएमसी के उम्मीदवार फिरहाद हाकिम भी मौके पर पहुंचे, लेकिन वह मुख्यमंत्री से नहीं मिल सके क्योंकि वह पहले ही अपने चुनाव एजेंट के साथ स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर जा चुकी थीं.
स्कूल परिसर के बाहर बनर्जी का इंतजार करते हुए फिरहाद हाकिम ने कहा कि मुख्यमंत्री के आने की सूचना मिलने पर मैं यहां पहुंचा, लेकिन मैं उनसे मिल नहीं सका क्योंकि वह पहले से ही परिसर के अंदर थीं और उम्मीदवार के रूप में अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए स्ट्रॉन्ग रूम का दौरा कर रही थीं. मुझे वहां जाने की अनुमति नहीं मिली. मैं यह पुष्टि नहीं कर पाऊंगा कि अंदर वास्तव में क्या हो रहा है. कुणाल घोष ने कहा कि आप चुनाव आयोग की लाइव स्ट्रीमिंग और सीसीटीवी कैमरे में देख सकते हैं कि अंदर कुछ लोग काम कर रहे हैं, लेकिन हमारा कोई भी प्रतिनिधि अंदर नहीं है. हमें अंदर जाने नहीं दिया जा रहा है और हमें अन्य उम्मीदवारों से बात करने के लिए कहा जा रहा है. हम अन्य उम्मीदवारों की जिम्मेदारी क्यों लें? वहीं, शशि पांजा ने चिंता जताते हुए कहा कि हम बेहद चिंतित हैं. कोई हेराफेरी नहीं होनी चाहिए। हमें यह सब क्यों नहीं दिखाया जा रहा है?
टीएमसी नेताओं का आरोप है कि स्ट्रांग रूम में पारदर्शिता का पूरी तरह उल्लंघन किया जा रहा है और मतगणना प्रक्रिया को संदिग्ध बनाने का प्रयास हो रहा है. टीएमसी नेताओं के धरना-प्रदर्शन के कारण नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. हालांकि, इस मामले पर चुनाव आयोग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. फिलहाल मौके पर सुरक्षा बढ़ा दिया गया है.

एग्जिट पोल के अनुमान पर ममता ने बोला हमला: इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया कि भाजपा के निर्देश पर टीएमसी कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने के लिए एग्जिट पोल के झूठे अनुमान प्रसारित किए जा रहे हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि उनकी पार्टी इस चुनाव में 294 सीटों वाली विधानसभा में 226 से अधिक सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लेगी. चार मई को मतगणना से ठीक पहले एक्स पर जारी एक वीडियो संदेश में ममता बनर्जी ने कहा कि कुछ टीवी चैनल भाजपा कार्यालय से प्रसारित किए गए चुनावी अनुमानों को दिखा रहे हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि टीवी पर जो कुछ दिखाया जा रहा है, वह दोपहर एक बजकर आठ मिनट पर भाजपा कार्यालय से प्रसारित किया गया था. इसे प्रसारित करवाने के लिए पैसे दिए गए थे. मेरे पास इसकी पुख्ता जानकारी है. टीएमसी प्रमुख ने अपनी पार्टी की भारी जीत का दावा करते हुए कहा कि हम 226 सीटों का आंकड़ा पार कर लेंगे. हम शायद 230 सीटें भी पार कर सकते हैं. मुझे भारी जनादेश पर पूरा भरोसा है। ये भी पढ़ें:बंगाल में भाजपा को मिल रहा मुसलमानों का भी वोट, 67 फीसदी दलित भी साथ.
इस दौरान उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि मतदान प्रक्रिया के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बल भाजपा के एजेंट की भूमिका निभा रहे हैं. ममता बनर्जी ने कहा कि अमित शाह के सीधे निर्देश पर केंद्रीय बल पूरे पश्चिम बंगाल में भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं.
















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