पुनीत शुक्ला, कानपुर।
कानपुर के सचेंडी में नाबालिग लड़की से गैंगरेप के मामले में फरार चल रहे आरोपी दरोगा अमित कुमार मौर्या को पुलिस 144 दिन बाद गिरफ्तार कर सकी. आरोपी दरोगा पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था.
आरोप है कि 5 जनवरी को दरोगा ने यूट्यूबर शिवबरन सिंह के साथ मिलकर सचेंडी क्षेत्र निवासी 14 साल की लड़की के साथ गैंगरेप किया. इसके बाद पुलिस ने यूट्यूबर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि आरोपी दरोगा फरार चल रहा था.
पीड़ित लड़की के मुताबिक, 5 जनवरी की रात करीब 9.30 बजे वह शौच के लिए घर से बाहर गई थी. इसी दौरान भीमसेन चौकी में तैनात दरोगा अमित कुमार मौर्या और यूट्यूबर शिवबरन यादव ने उसके साथ गैंगरेप किया. करीब 45 मिनट तक उसके साथ दरिंदगी हुई। मामले में किशोरी की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था.
पुलिस कमिश्नर ने किया था सस्पेंड: घटना सामने आने के बाद पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने दरोगा अमित कुमार मौर्या को सस्पेंड कर उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था. उसकी गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच समेत चार टीमें लगातार दबिश दे रही थीं, लेकिन आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लग रहा था।.पुलिस ने आरोपी दरोगा अमित कुमार मौर्या को सचेंडी से ग्राम सोना की ओर जाने वाली सड़क से गिरफ्तार कर लिया.
500 पेज की चार्जशीट भी हो चुकी दाखिल: पुलिस ने दरोगा अमित कुमार मौर्या के खिलाफ करीब दो महीने पहले 500 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी. इसके अलावा गोरखपुर स्थित उसके घर पर डुगडुगी पिटवाकर नोटिस भी चस्पा कराया गया था. नोटिस में आरोपी को 30 अप्रैल तक कोर्ट में पेश होने का समय दिया गया था, लेकिन वह हाजिर नहीं हुआ.
यूट्यूबर ने मुंह दबाया, दरोगा ने पैर पकड़े, 45 मिनट तक दरिंदगी की

सचेंडी थाने में गैंगरेप के आरोपी शिवबरन ने पुलिस के सामने खुद को निर्दोष बताया. पुलिस ने उसको जेल भेजा.
पीड़ित लड़की ने कहा था- मैं टॉयलेट के लिए घर के पीछे 200 मीटर दूर तालाब तक गई थी। वहां से कुछ दूर एक काले रंग की स्कॉर्पियो रुकी, 2 लोग उतरे और मुझे खींचकर गाड़ी के अंदर ले जाने लगे। वर्दी पहने शख्स ने मेरे पैर पकड़ लिए जबकि दूसरे व्यक्ति ने मेरा मुंह दबा लिया, हाथ जकड़ लिए. मैं कुछ कर नहीं पा रही थी। खींचकर स्कॉर्पियो में लेकर गए, वर्दी पहना शख्स मुझे छोड़कर ड्राइविंग शीट पर बैठ गया.
ये सब बताते हुए गैंगरेप पीड़िता थोड़ा ठहर जाती है, फिर संभलकर धीरे-धीरे आपबीती बताने लगती है. कहा- वो 5 जनवरी की रात थी, कोई 9.30 बजे होंगे. मुझे गाड़ी में खींचे जाने के बाद धीरे-धीरे गाड़ी चलने लगती है, वो दोनों 10 मिनट गाड़ी चलाते, फिर रोक देते. मैंने पूछा- कौन हो… कहां ले जा रहे हो? तुम तो पुलिस वाले हो। इस पर मुझे तेज थप्पड़ मारा. बोले- बैठी रहो, नहीं तो मार डालेंगे. मैं सहम गई, कुछ समझ नहीं आ रहा था.
फिर गाड़ी को रेलवे पटरी के पास लेकर जाकर रोक दिया. मुझे खींचकर नीचे उतारा। वहां दोनों ने मेरे साथ रेप किया. ये सब 45 मिनट तक चलता रहा. फिर वो दोनों मुझे छोड़कर भाग निकले.















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