दादानगर इंडस्ट्रियल एरिया की एक और फैक्ट्री में हड़ताल, 13 दिनों मे 12 फैक्ट्रियों में हंगामा

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पुनीत शुक्ला, कानपुर।
कानपुर शहर के दादानगर इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित PARLE-G बिस्किट फैक्ट्री के बाहर शुक्रवार को मजदूरों ने हंगामा किया. मजदूरों का कहना है, यहां 12 घंटे काम के 9000 रुपए दिये जाते है, जबकि कोई ओवरटाइम का पेमेंट नहीं किया जाता है. इससे पहले ब्रिटानिया और एक अन्य फ़ूड फ़ैक्ट्री में हड़ताल करायी जा चुकी है.

13 दिनों मे 12 फैक्ट्रियों में हंगामा: कनपुर शहर और कानपुर देहात में 13 दिनों में 12 फैक्ट्रियों में हंगामा हो चुका है लेकिन उद्योग और श्रमायुक्त विभाग के अफसर फैक्ट्री संचालकों के साथ सामंजस्य नहीं बनवा पा रहे है. सरकारी के द्वारा जारी वेतनमान अभी तक कानपुर में लागू नहीं हो पा रहा है जिसके कारण शहर की अलग अलग फैक्ट्रियों में हंगामा किया जा रहा है. बीते दिनों में गोल्डी मसाले, बिरटानियां बिस्किट, नेरोलैक जैसी बड़ी कंपनियों में मजदूरों ने तय सैलरी की वजह से प्रदर्शन किया था. अब कानपुर में मजदूरों का प्रदर्शन बड़ा होते हुए दिखाई दे रहा है. जानकार बताते है, फैक्ट्री संचालकों की वजह से कानपुर मे मजदूरों का प्रदर्शन आने वाले समय में और उग्र हो सकता है.

इन मांगों को लेकर सैकड़ों वर्कर काम को छोड़ कर प्रदर्शन करने लगे. और सड़क के बाहर जाम लगा दिया। मजदूरों का कहना है, सरकार के द्वारा जारी वेतनमान के अनुसार पेमेंट नहीं दिया जा रहा है. जाम लगने के कारण दादानगर एरिया में ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त हो गई और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं.

प्रदर्शन कर रही एक महिला कर्मचारी का कहना है, यहां लंबे समय से काम कर रहे है, लेकिन सैलरी नहीं बढाई गई है। सरकार के द्वारा जारी सैलरी भी नहीं दी जा रही है. अभी तक हम लोगों से 8 घंटे की बजाय 12 घंटे काम कराया जा रहा है. ओवर टाइम का कोई अलग से कोई पेमेंट नहीं दिया जाता है. मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया. इससे नाराज कर्मचारियों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. कर्मचारियों ने मांग की है, उन्हे उनके कार्य के अनुरूप वेतन और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, जिससे उनके सामने आर्थिक समस्याएं बढ़ रही हैं.

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सड़क पर बैठकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस कारण फैक्ट्री के आसपास आवागमन प्रभावित रहा और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा. मौके पर बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे और उन्होंने अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की। नारेबाजी के दौरान श्रमिक 8 घंटे काम करआए जाने की मांग करते रहे.

घटना की सूचना मिलने पर गोविंदनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची. उन्होंने मजदूरों को समझा-बुझा कर कर्मचारियों को काम पर भेज दिया है. पुलिस ने कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच बातचीत कराकर समाधान निकालने की कोशिश की. अधिकारियों ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों और शिकायतों को संबंधित विभाग एवं फैक्ट्री प्रबंधन तक पहुंचाया जाएगा. जिसके बाद उग्र हुए मजदूर शांत हुए.

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