इलाहाबाद हाईकोर्ट से समाजवादी पार्टी के पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक को एक बहुत बड़ी राहत मिली है. हाईकोर्ट ने उन्हें जेल से तुरंत छोड़ने का आदेश दिया है.
दरअसल, औरैया की एक निचली अदालत ने कमलेश पाठक को गैंगस्टर मामले में दोषी मानते हुए 6 साल की सजा सुनाई थी. इसी सजा के खिलाफ कमलेश पाठक ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील की थी. उन्होंने कोर्ट से अपनी सजा को रोकने की मांग की थी, ताकि वे अपील के दौरान जेल से बाहर रह सकें.
जस्टिस विक्रम डी चौहान की सिंगल बेंच ने इस पूरे मामले की सुनवाई की. कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद औरैया कोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी है, जिसमें उन्हें 6 साल की सजा हुई थी. कोर्ट ने जेल प्रशासन को आदेश दिया है कि कमलेश पाठक को तुरंत रिहा किया जाए.
इसका मतलब यह है कि अभी के लिए कमलेश पाठक की जेल की सजा को रोक दिया गया है और वे जेल से बाहर आ सकते हैं. हालांकि, यह केस अभी खत्म नहीं हुआ है. हाईकोर्ट में उनकी अपील पर सुनवाई आगे भी जारी रहेगी, जिसमें यह तय होगा कि निचली अदालत का फैसला सही था या नहीं.
तत्काल रिहाई के निर्देश: कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि कमलेश पाठक को जेल से तत्काल रिहा किया जाए, बशर्ते उन्हें किसी अन्य मामले में वांछित न दिखाया गया हो. इस राहत के बाद पूर्व एमएलसी के समर्थकों में खुशी की लहर है.
कानूनी प्रक्रिया का अगला चरण: यह आदेश स्पष्ट करता है कि सजा का निलंबन दोषमुक्ति नहीं है, बल्कि अपील लंबित रहने की अवधि के लिए एक अंतरिम राहत है.अब हाईकोर्ट में इस मामले पर आगे की सुनवाई होगी, जहां यह देखा जाएगा कि निचली अदालत का फैसला तथ्यों और कानूनी साक्ष्यों के आधार पर कितना सही था. कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्तर पर सजा का निलंबन एक बड़ी कानूनी जीत है, जो आगामी सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष को अपनी बात और मजबूती से रखने का अवसर प्रदान करेगी.















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