पुनीत शुक्ला, कानपुर।
कानपुर के दादानगर इंडस्ट्रियल एरिया में सोमवार को एक और फैक्ट्री में हड़ताल हो गयी जो पिछले 15 दिनों 13 कंपनी की हड़ताल है. ताबड़तोड़ हो रही हड़तालों वो केवल दादानगर में, इस आशंका को मजबूत बनाती है कि कहीं इसके पीछे कोई साजिश तो नहीं? पिछले 15 दिनों के दौरान गोल्डी मसाले, नेरोलेक पेंट्स, ब्रिटानिया, PARLE-G जैसी नामी-गिरामी कंपनियों में स्ट्राइक करायी जा चुकी है.
सबसे आश्चर्यजनक और चौकाने वाली बात यह कि इन हड़तालों के पीछे कोई स्थापित श्रमिक संगठन नहीं, केवल फुटकरिए कर्मचारियों से ही करवायी जा रही है और आज की हड़ताल में भी वही सारी मांगे जो पिछले 15 दिनों की हड़ताल में रहीं.
आज भी गुलाटी इम्प्रेशन प्रिंटिंग पैकेजिंग फैक्ट्री के मजदूरों ने वेतन वृद्धि और श्रम कानूनों के पालन की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में 100 से अधिक महिला श्रमिक शामिल रहीं. मजदूरों का आरोप है कि उन्हें निर्धारित न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है. साथ ही, उनसे 8 घंटे से अधिक काम कराया जाता है, लेकिन ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जाता.
सूचना मिलने पर गोविंद नगर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने श्रमिकों को समझाने का प्रयास किया और उनकी समस्याएं सुनीं. इसके बाद श्रम विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और श्रमिकों से बातचीत की.
श्रमिकों ने अपनी मांगों के संबंध में अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा. उन्होंने न्यूनतम वेतन, ओवरटाइम भुगतान तथा अन्य श्रमिक अधिकारों को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की. श्री पाल वर्मा ने बताया हम 17 A दादानगर कानपुर में नौकरी करते है. हम यहां 30 सालों से नौकरी कर रहे है. हम लोगों को 12 घंटों का 400 रुपए वेतन दिया जाता है. हम लोगों की मांग है सरकार के द्वारा जारी रेट 8 घंटे का वो हमको दिया जाए. इसके बाद यहां बोनस तक नहीं देते है. हम लोग सुबह ड्यूटी के टाइम से धरने पर बैठे है. बस हम लोगों से मिलने के लिए केवल पुलिस आई है. हमारी मांग है मालिक आकर के हमारी मांगों को लिखित मान ले. अगर वह नहीं मानेगे तो हम लोग यहां ऐसे ही धरना देंगे.
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया.















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