फतेहपुर में सनसनीखेज मर्डर: प्रेमी को ग्राइंडर से बेरहमी से काटा, फिर यूट्यूब पर पढ़ा फांसी का कानून

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रिजवान उददीन,फतेहपुर।
UP के हमीरपुर में फिल्मी पटकथा की तरह रची गई एक खूनी साजिश का पुलिस ने ऐसा सनसनीखेज खुलासा किया है, जिसने सबको चौंका दिया. फतेहपुर जिले के बकेवर से लापता हुए 30 वर्षीय युवक विजय निषाद की शादीशुदा महिला से लव अफेयर के चलते बेरहमी से हत्या कर दी गई. कातिल दंपती ने दृश्यम फिल्म की तर्ज पर लाश को ठिकाने लगाने की कोशिश की। पैर काटकर लाश को कानपुर के जंगलों में जला दिया और सबूत मिटाने की हर मुमकिन कोशिश की. शातिर पति-पत्नी, पुलिस की आंखों में धूल झोंक ही देते, लेकिन उनके अपने ही मोबाइल ने सारा खेल बिगाड़ दिया. मर्डर करने के बाद कानूनी कार्रवाई, फांसी के कानून और पुलिस एनकाउंटर से बचने के लिए दंपती, यूट्यूब पर जो बचाव के रास्ते खोज रहे थे, उसकी डिजिटल सर्च हिस्ट्री ने पुलिस के सामने उनके सारे गुनाह कबूल करवा दिए.

आठ महीने से चल रहा था लव अफेयर फतेहपुर के एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने सोमवार को हत्या के मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि फतेहपुर के बकेवर के टिकरा गांव के रहने वाले विजय निषाद का हमीरपुर में कुरारा के मनकी गांव निवासी किरन देवी के साथ आठ महीने से लव अफेयर चल रहा था। इस बीच जब किरन का पति कामता निषाद चार महीने पहले सूरत से मजदूरी कर वापस गांव आया तो किरन ने विजय से दूरी बनानी शुरू कर दी। लेकिन, विजय मिलने की जिद पर अड़ा रहा। जब महिला ने मना किया तो विजय ने उसके साथ की एक फोटो फेसबुक पर पोस्ट कर दी। इस फोटो को देखकर पति कामता को दोनों के संबंधों का पता चल गया। इसके बाद विजय ने और भी फोटो सोशल मीडिया पर डालने की धमकी दी, जिससे तंग आकर पति-पत्नी ने विजय को रास्ते से हटाने की खूनी साजिश रच डाली।

विजय निषाद

कत्ल के बाद फिनायल से साफ किया खून साजिश के मुताबिक, आठ मई को किरन ने विजय को मिलने के बहाने अपने घर बुलाया। विजय जैसे ही वहां पहुंचा तो पहले से घात लगाए बैठे कामता ने लकड़ी के चौखट से उसके सिर पर ताबड़तोड़ वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद दोनों ने घर में फैले खून के निशान फिनाइल से साफ किए। रात में जब वे शव को बोरे में बंद करने लगे तो दिक्कत होने पर उन्होंने पहले से खरीदे आरी और ग्राइंडर ब्लेड से विजय के पैर काट दिए। इसके बाद शव को बाइक पर लादकर कानपुर के रेउना थाना क्षेत्र के जंगलों में ले गए और वहां फूंक दिया। सबूत मिटाने के लिए उन्होंने विजय का मोबाइल, चश्मा, एटीएम और पैन कार्ड भी अलग-अलग जगहों पर फेंक दिए।

गुमशुदगी से खुला राज विजय के घर न लौटने पर उसके पिता इंद्रपाल निषाद ने 11 मई को बकेवर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुरुआती जांच में यह आम मामला लग रहा था, लेकिन जब पुलिस ने विजय की कॉल डिटेल्स खंगाली तो किरन देवी से लगातार बातचीत की बात सामने आई। शक के आधार पर पुलिस ने जब किरन और उसके पति कामता को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पहले उन्होंने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।

सर्च हिस्ट्री देख चौंक गए पुलिसवाले आरोपियों की चालाकी तब धरी की धरी रह गई जब सर्विलांस टीम ने दोनों के मोबाइल फोन की जांच की। मोबाइल की यूट्यूब सर्च हिस्ट्री देखकर पुलिस अधिकारी भी चौंक गए। दरअसल, मर्डर करने के बाद दोनों ने यूट्यूब पर सर्च किया था कि अपराध और हत्या के मामलों में क्या सजा होती है, जेल की व्यवस्था और फांसी की सजा का क्या कानून है, पुलिस एनकाउंटर कैसे करती है, आत्मसमर्पण करने पर पुलिस क्या कार्रवाई करती है…इस डिजिटल सबूत के सामने आते ही पति-पत्नी टूट गया और उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने जंगल से मानव कंकाल के अवशेष, हत्या में इस्तेमाल आरी, ग्राइंडर, लकड़ी का चौखट और मृतक की बाइक और दस्तावेज बरामद कर लिए हैं।

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