भरी मीटिंग में DM ने अफसर को करा दिया अरेस्ट, दर्ज थी 11 लाख के गबन की FIR

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UP के उन्नाव में डीएम के ऐक्शन से हड़कंप मच गया. फर्जी समूह बनाकर 11 लाख रुपये का गबन करने के आरोपी पुरवा के बीएमएम (ब्लॉक मिशन मैनेजर) दीपराज को सोमवार को डीएम ने बीच मीटिंग से गिरफ्तार करा दिया. इसके साथ ही राष्ट्रीय आजीविका मिशन में चार साल के भुगतान की जांच के लिए कमेटी भी गठित कर दी. डीएम ने असोहा के कंप्यूटर ऑपरेटर पर भी एफआईआर के आदेश दिए हैं.

विकास भवन सभागार में सोमवार को डीएम घनश्याम मीना की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की जिला स्तरीय क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक चल रही थी. डीएम ने परिवार संतृप्तिकरण, समूह गठन, लखपति दीदी चिन्हांकन, रिवाल्विंग फंड, सीसीएल और लोकोस ऐप पर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की प्रगति पूछी. लक्ष्य के सापेक्ष काम शून्य मिला तो डीएम भड़क गए. अभी वे फटकार लगा ही रहे थे कि उन्हें जानकारी लगी कि तहसील पुरवा के बीएमएम दीपराज पर 11 लाख के सरकारी धन के गबन की एफआईआर दर्ज है. उन्होंने तत्काल एसपी को फोन लगाया और पुलिस को भेज गबन के आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कहा. कुछ ही देर में पुलिस पहुंच गई और बैठक के बीच से बीएमएम दीपराज को गिरफ्तार कर ले गई.

गबन में शामिल सभी कर्मचारियों एफआईआर का आदेश: डीएम ने संबंधित ब्लॉक के बीडीओ को फटकार लगाते हुए कहा कि गबन में शामिल सभी कर्मचारियों पर कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कराओ. वहीं डीएम के निरीक्षण में असोहा विकासखंड का कंप्यूटर ऑपरेटर आपत्तिजनक स्थिति में मिला था. इसपर एफआईआर के निर्देश दिए गए थे, पर कार्रवाई नहीं हुई. डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए. डीएम ने कहा कि सरकारी धन खाने वाले किसी भी हाल में बख्शे नहीं जाएंगे. एसपी जय प्रकाश सिंह ने बताया कि डीएम के निर्देश पर पुलिस भेज गबन के आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. जांच के साथ ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.

आगे और कठोर कार्रवाई का संकेत: डीएम ने बैठक के दौरान कई बिंदुओं पर प्रगति असंतोषजनक मिलने पर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई. उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगली बाद समीक्षा में यदि सुधार नहीं पाया गया तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.

डीएम ने संबंधित खंड विकास अधिकारी की कार्य शैली पर सवाल उठाए. उन्होंने निर्देश दिए कि गबन प्रकरण में शामिल सभी कर्मचारियों की भूमिका की तत्काल गहनता से जांच की जाए और जो भी दोषी मिले उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए. डीएम घनश्याम मीना ने कहा किसी भी स्तर पर सरकारी धन का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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