प्रयागराज में करोड़पति परिवार के 4 लोगों की हत्या से सनसनी, पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची

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राहुल मिश्रा, प्रयागराज।
प्रयागराज में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या हुई है. इनमें पति-पत्नी और बेटा-बेटी शामिल हैं. 3 शव घर के अंदर मिले. घर बाहर से बंद था और ताला लगा हुआ था जबकि, एक शव घर के ग्राउंड फ्लोर पर बनी दुकान में मिला.

पुलिस ने बताया- जिस कमरे में दंपती के शव मिले, वहां एक बोर्ड पर लिखा मिला, “बंटी, बबली और बहू ने मारा।” वहीं, जिस दुकान से चौथा शव मिला, उस पर भी बाहर से ताला लगा मिला.

मंगलवार दोपहर घर से बदबू आने पर पड़ोसियों को शक हुआ. पड़ोसियों ने दरवाजा खटखटाया, आवाज लगाई लेकिन, कोई रिस्पांस नहीं मिला. पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस गेट तोड़कर अंदर पहुंची. कमरे में तीनों की लाश मिली. तीनों के सिर पर गहरा जख्म था. आसपास बहा खून सूख चुका था.

बेड पर वीरेंद्र कुमार वैश्य (70), उनकी पत्नी अनीता (65) और बेटी मीनाक्षी (40) की लाश पड़ी हुई थी. बेटे अभिषेक (38) का शव दुकान में मिला. वारदात साउथ मलाका में हीवेट रोड चौराहे की है.

दो मंजिला मकान, नीचे 14 दुकानें वीरेंद्र कुमार वैश्य का हीवेट रोड चौराहे पर दो मंजिला मकान है. निचले हिस्से में 14 दुकानें हैं. 13 दुकानें किराए पर हैं। ऊपरी हिस्से में वह परिवार के साथ रहते थे. परिवार में पत्नी, बेटी-बेटे के अलावा एक छोटा बेटा अश्विनी था, जो कि धोखाधड़ी के एक मामले में कौशांबी जेल में बंद है.

एक दुकान बेटी मीनाक्षी चलाती थी। वह गिफ्ट से जुड़े सामान बेचती थी. उसी दुकान पर खुद वीरेंद्र वैश्य भी बैठा करते थे। बेटा अभिषेक फ्लोर क्लीनिंग के काम से जुड़ा था. मीनाक्षी और अभिषेक की शादी नहीं हुई थी.

पुलिस ने घर का ताला तुड़वाया, लाशें निकलवाईं: मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे पड़ोसियों ने घर से बदबू आने पर पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि निचली मंजिल से ऊपर जाने का रास्ता खुला था, लेकिन ऊपरी मंजिल का गेट बाहर से बंद था. पुलिस ने ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया.

एक कमरे में वीरेंद्र कुमार और उनकी पत्नी के शव पड़े मिले, जबकि दूसरे कमरे में उनकी बेटी मीनाक्षी का शव मिला. इसके बाद पुलिस ने फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को बुलाकर जांच कराई. तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया.

तलाशी के दौरान पुलिस को मकान के ग्राउंड फ्लोर पर बनी दुकान से एक और शव मिला, जिसकी पहचान अभिषेक के रूप में हुई.

आखिरी बार रविवार को दिखे थे वीरेंद्र वैश्य स्थानीय लोगों ने बताया कि वीरेंद्र कुमार वैश्य को आखिरी बार रविवार को देखा था. इसके बाद से न तो वह दिखाई दिए और न ही उनकी पत्नी और बेटी को किसी ने देखा.

जिस मकान में वारदात हुई, वह करीब 8,000 वर्गफुट क्षेत्रफल में बना हुआ है. दो मंजिला इस मकान में कुल 14 दुकानें हैं. संपत्ति की अनुमानित कीमत 10 से 15 करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है.

रिश्तेदार बोला- लोगों से कम रखते थे संपर्क मौके पर पहुंचे रिश्तेदार अतिन केसरवानी ने बताया कि वीरेंद्र कुमार वैद्य उनके रिश्ते में फूफा लगते थे. परिवार का लोगों से ज्यादा मेलजोल नहीं था. वे अपने काम से ही मतलब रखते थे.

कमरे में लिखा मिला- ‘बंटी, बबली और बहू ने मारा’ एडिशनल सीपी लॉ एंड ऑर्डर डॉ. अजय पाल शर्मा ने बताया कि दुकान से मिला चौथा शव काफी फूल चुका है. परिजनों ने इसकी पहचान अभिषेक के रूप में की है। मौत के कारण की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी.

जिस दुकान से शव बरामद हुआ, उस पर बाहर से ताला लगा हुआ था. जांच के दौरान एक और अहम तथ्य सामने आया है। जिस कमरे में दंपति के शव मिले, वहां एक बोर्ड पर लिखा मिला, “बंटी, बबली और बहू ने मारा.” पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बंटी-बबली और बहू कौन हैं. उनका इस मामले से क्या संबंध है.

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