बेदखल बेटे ने दोस्त के साथ दिया प्रयागराज हत्याकांड को अंजाम, फिर खुद भी मारा गया

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राहुल मिश्रा, प्रयागराज।
प्रयागराज में करोड़पति परिवार के 4 सदस्यों की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया. मां-बाप और बहन की हत्या बेटे ने ही अपने दोस्त के साथ मिलकर की थी. हत्या के बाद दोनों ने घर से डेढ़ करोड़ रुपए के गहने लूटे. फिर गहनों के बंटवारे को लेकर उनके बीच आपस में झगड़ा हो गया। इसके बाद दोस्त ने बेटे की हत्या कर दी. वारदात के बाद उसने दुकान में बाहर से ताला लगाया और गहने लेकर भाग गया.

पुलिस ने आरोपी दोस्त सनी गुप्ता को हिरासत में लिया है. वह चाय की दुकान लगाता है। उसके पास से लूटे हुए गहने भी बरामद हुए हैं. जांच में सामने आया है कि कारोबारी ने साल-2022 में बेटे को प्रॉपर्टी से बेदखल कर दिया था. इससे वह नाराज था। इसके बाद उसने वारदात को अंजाम दिया.

हत्यारोपी सनी गुप्ता ने मीडियाकर्मियों से कहा- “हमें लगा कि जो अपने मां-बाप का नहीं हुआ, वह मेरा क्या होगा. हमने कोई अपराध नहीं किया था. उसी ने मुझे उकसाया और बुलाया. उसने अपने मां-बाप का कत्ल किया. हम दोनों सोना-चांदी लेकर नीचे आए. उसने कहा था कि मुझे भी हिस्सा देगा, लेकिन नहीं दिया. इसी वजह से मैंने उसकी हत्या कर दी.”

मंगलवार को कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य (70), उनकी पत्नी अनीता (65) और बेटी मीनाक्षी (45) के शव घर के अंदर मिले थे. घर में बाहर से ताला बंद था, जबकि बेटे अभिषेक का कुछ पता नहीं चल पाया था. ऐसे में शक अभिषेक पर गया। हालांकि, करीब 2 घंटे बाद अभिषेक (40) का शव मकान के नीचे की दुकान में मिला. दुकान का ताला भी बाहर से बंद था.

ऐसे में पुलिस मान रही थी कि किसी ने पूरे परिवार की हत्या कर दी है. जांच में पुलिस को कारोबारी पति-पत्नी के शव से एक मीटर दूर एक गत्ता पड़ा मिला. इस पर लाल कलर के पेन से लिखा था- “बंटी, बबली और बहू ने मारा।”

सूत्रों के मुताबिक, बेटे ने ही पुलिस को गुमराह करने के लिए ऐसा लिखा था जिससे पुलिस का शक जेल से बाहर आई छोटे भाई की पत्नी पर जाए. वारदात साउथ मलाका इलाके में हीवेट रोड चौराहे की है.

वीरेंद्र कुमार वैश्य का गिफ्ट का कारोबार था। उनका हीवेट रोड चौराहे पर दो मंजिला मकान है. मकान 8,000 वर्गफीट में बना है, जिसकी कीमत 10 से 15 करोड़ रुपए बताई जा रही है. निचले हिस्से में 14 दुकानें हैं, जिनमें से 13 किराए पर हैं. ऊपरी हिस्से में वीरेंद्र परिवार के साथ रहते थे. एक दुकान बेटी मीनाक्षी चलाती थी. वह गिफ्ट से जुड़े सामान बेचती थी.

उसी दुकान पर वीरेंद्र वैश्य भी बैठा करते थे. बड़ा बेटा अभिषेक पेस्टीसाइड और फ्लोर क्लीनिंग सॉल्यूशन का व्यापार करता था. अभिषेक और मीनाक्षी की शादी नहीं हुई थी. छोटा बेटा कौशांबी जेल में बंद है. उसकी पत्नी रितु जमानत पर जेल से बाहर है.

हत्यारोपी सनी गुप्ता से बरामद सोने-चांदी के जेवर.

बेटे की पिता से खटपट रहती थी: पुलिस जांच में पता चला है कि बड़े बेटे अभिषेक की भी पिता से नहीं जमती थी. पड़ोसियों और रिश्तेदारों के अनुसार, अभिषेक की संगत को लेकर परिवार में अक्सर झगड़ा होता रहता था। एक बार अभिषेक ने किसी व्यक्ति से कई लाख रुपए उधार ले लिए थे.

समय पर रकम न लौटाने पर कर्ज देने वाले अभिषेक की पिटाई कर उसे उठा ले गए थे. धमकी दी थी कि पैसे नहीं मिले तो पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा. बाद में बहन मीनाक्षी ने पैसे देकर अभिषेक को छुड़ाया था. इस बात को लेकर वीरेंद्र का अभिषेक से झगड़ा हो गया था.

माता-पिता और बहन की हत्या कर कंबल-रजाई से ढका पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बेटे ने दोस्त के साथ मिलकर परिवार की हत्या का प्लान बनाया. दोनों ने मिलकर पहले वीरेंद्र वैश्य की हत्या की, फिर उनकी पत्नी और बेटी को मार डाला। इसके बाद घर में रखे सारे गहने लूट लिए. फिर शवों को रजाई और कंबल से ढक दिया था, जिससे दुर्गंध बाहर न फैले और वारदात का खुलासा देर से हो.

वारदात के बाद फर्श पर पड़े खून के धब्बों को साफ करने की कोशिश की गई. इसके लिए पहले पानी और फ्लोर क्लीनर का इस्तेमाल किया गया, फिर फर्श पर तेल भी डाला गया, जिससे खून के निशान पूरी तरह मिट जाएं. वारदात के बाद दोनों अभिषेक की दुकान में पहुंचे. यहां गहनों के बंटवारे को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ. इसके बाद दोस्त ने अभिषेक को मार दिया.

शवों से बदबू आने पर हत्या का पता चला मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे घर से तेज बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि निचली मंजिल से ऊपर जाने का रास्ता खुला था, लेकिन ऊपरी मंजिल का गेट बाहर से बंद था. इसके बाद पुलिस ने ताला तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया.

एक कमरे में वीरेंद्र कुमार और उनकी पत्नी के शव पड़े मिले, जबकि दूसरे कमरे में बेटी मीनाक्षी का शव मिला. इसके बाद फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाया गया. जांच के बाद पुलिस ने पूरे मकान की तलाशी शुरू की.

तलाशी के दौरान टीम ग्राउंड फ्लोर पर बनी दुकानों तक पहुंची. वहां एक दुकान बाहर से बंद मिली। पुलिस ने जब उस दुकान का ताला तोड़ा, तो अंदर एक और शव मिला, जिसकी पहचान बेटे अभिषेक के रूप में हुई. शव काफी फूल चुका था.

कारोबारी ने छोटे बेटे को प्रॉपर्टी से कर दिया था बेदखल छोटे बेटे अश्विनी ने कीडगंज की रहने वाली रितु से लव मैरिज की थी. दोनों मैट्रीमोनियल वेबसाइट पर फर्जी आईडी बनाकर लोगों को फंसाते और ठगी करते थे. अश्विनी ने हैदराबाद के जज का बेटा बनकर एक युवती को जाल में फंसाया था और उससे 9 लाख रुपए ठगे थे.

इस केस में 2023 में दोनों जेल गए थे. 2024 में रितु को जमानत मिल गई थी, तब से वह बाहर है, जबकि अश्विनी कौशांबी जेल में बंद है. पड़ोसियों के मुताबिक, अश्विनी की हरकतों से कारोबारी नाराज रहते थे, इसलिए उन्होंने उसे अपनी प्रॉपर्टी से बेदखल कर दिया था और उससे सभी रिश्ते तोड़ लिए थे.

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