राम मंदिर ‘चढ़ावा घोटाला’ मामले में योगी सरकार का बड़ा एक्शन, 3 सदस्यीय SIT का गठन

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अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्रों में चढ़ाई गई रकम के कथित गबन के मामले में जांच तेज हो गई है. राम मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर योगी सराकर ने राम मंदिर कथित चढ़ाला घोटाला मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय SIT का गठन किया है. SIT 7 दिन में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट और 15 दिन में अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी.

एसआईटी के सदस्यों का ब्योरा

  1. विजय विश्वास पंत, IAS, मंडलायुक्त लखनऊ
  2. किरन एस, IPS, आईजी रेज़
  3. नील रतन , विशेष सचिव , वित्त

सूत्रों के मुताबिक, चढ़ावे की गणना और प्रबंधन से जुड़े कुछ कर्मचारियों की भूमिका की गहन पड़ताल की जा रही है. मामले की जांच में जुटी एसओजी और अन्य एजेंसियां तकनीकी तथा भौतिक साक्ष्यों को खंगाल रही हैं. जांच का एक महत्वपूर्ण आधार सीसीटीवी फुटेज को भी बनाया गया है, जिसके जरिए घटनाक्रम को समझने की कोशिश की जा रही है.

रुदौली क्षेत्र से युवक हिरासत में: सूत्रों के अनुसार रुदौली तहसील के शुजागंज क्षेत्र स्थित मीनापुर फगौली गांव निवासी एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है. बताया जा रहा है कि युवक मंदिर में कर्मी के रूप में कार्यरत रहा है. जांच एजेंसियां उससे मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी जुटा रही हैं. हालांकि अब तक पुलिस, प्रशासन या मंदिर ट्रस्ट की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

छापेमारी में नकदी मिलने की चर्चा: जांच के दौरान आरोपी बताए जा रहे युवक लवकुश मिश्रा के घर पर छापेमारी किए जाने की जानकारी सामने आई है. स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कार्रवाई के दौरान 10 से 12 लाख रुपये के आसपास नकदी बरामद हुई. बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई मंदिर ट्रस्ट के प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में की गई. हालांकि बरामद रकम और उससे जुड़े तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.

परिवार ने दी सफाई: लवकुश के पिता बच्चूलाल ने दावा किया कि जब टीम उनके घर पहुंची तब वे गाजियाबाद में थे. उनका कहना है कि उन्हें बरामद धन के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. उन्होंने यह भी कहा कि फैजाबाद में बन रहे मकान का उनके बेटे से कोई संबंध नहीं है और मकान निर्माण के लिए उन्होंने अपनी कृषि भूमि गिरवी रखी है.

जांच के घेरे में कई पहलू: ग्रामीणों के अनुसार लवकुश पहले कार मिस्त्री का काम करता था और मंदिर में नौकरी मिलने के बाद उसकी आर्थिक स्थिति में तेजी से बदलाव देखा गया. गांव में यह चर्चा भी है कि कुछ रकम घर के बाहर एक घूर में छिपाकर रखी गई थी, जिसे जांच के दौरान बरामद किया गया. फिलहाल एजेंसियां मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं और कई अन्य लोगों की संभावित भूमिका को भी खंगाला जा रहा है. जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी.

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