चंदा चोरी की जांच रिपोर्ट के बीच चंपत राय ने राम मंदिर मंच से दिया ‘ऑल इज वेल’ का संदेश

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अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे की धांधली को लेकर चल रही एसआईटी की जांच के बीच शेषावतार मंदिर के शिखर पर आयोजित ध्वजारोहण समारोह से ‘ऑल इज वेल’ का संदेश निकला. तीर्थ क्षेत्र महासचिव चंपतराय ने पूर्व के प्रमुख कार्यक्रमों की तरह ही ध्वजारोहण का संचालन किया. वहीं दागी बताए जा रहे ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र व मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव ने पूर्व की भांति संतों का स्वागत किया. चंपत राय ने चढ़ावे में धांधली समेत इससे जुड़े किसी भी बात का कोई ज़िक्र तक नहीं किया गया. यद्यपि पूरे जनपद के अलग-अलग विकास खंडों व महानगर के कार्यकर्ताओं को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारी से किसी तरह के संदेश की अपेक्षा थी लेकिन इस विषय को संतों ने सम्बोधन में विरोधियों की चाल सिद्ध करने की कोशिश की.

मंच पर बड़े पदाधिकारियों ने जिस तरह सक्रियता दर्शाई, उससे कार्यकर्ताओं को संदेश मिल गया कि दानपात्र से चोरी घटना नरेटिव गढ़ने के लिए है और इस एजेंडे को सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाकर समाज में विद्रोह की साज़िश रची जा रही है. तीर्थ क्षेत्र महासचिव चंपतराय ने समारोह में आमंत्रित डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक को लेकर कहा कि तीन महीने से कार्यक्रम की योजना रचना बनी थी. एक महीने से तैयारियां चल रही थी. फिर भी प्रकृति को कुछ दूसरा मंजूर था। इस कारण विकट परिस्थिति में यह आयोजन हो रहा है.

उन्होंने बताया कि मंगलवार की सुबह दस बजे दोनों डिप्टी सीएम का संदेश मिला कि राज्य के प्रति दायित्व निष्ठा के कारण उन्हें ध्वजारोहण समारोह से मुक्त किया जाए. इसके कारण आनन-फानन में अयोध्या में उपलब्ध संतों की जानकारी लेकर एकादश संतों को यहां आमंत्रित किया गया है. उन्हीं के कर कमलों से शेषावतार मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया गया।.उन्होंने बताया कि शेषावतार मंदिर की कल्पना 1992 में की गयी थी तभी एक स्ट्रक्चर तैयार कर टीन के प्लेट की मूर्ति की पूजा शुरू हुआ. काल बदला और हम सबने संकल्प को पूर्ण किया.

गोपाल राव ने रखी कार्यक्रम की प्रस्तावना: इस समारोह में मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव ने ध्वजारोहण समारोह की प्रस्तावना रखते हुए बताया कि परिसर में शेषावतार अकेला मंदिर था जिसका ध्वजारोहण होना था और यह सकुशल संपादित हो गया. वहीं उन्होंने राम मंदिर के ट्रस्टी डा अनिल मिश्र के साथ मिलकर सभी संतों का माल्यार्पण किया और अंगवस्त्र भेंट कर अभिनंदन किया. इसके पहले शेषावतार मंदिर के पश्चिम में मंच सजाया गया था और उसके सामने कुबेर नवरत्न टीला के प्रांगण में अतिथियों के बैठने की व्यवस्था थी. इस दौरान अलग-अलग विकास खंडों व महानगर का अलग-अलग ब्लाक बनाया गया था. मंच के सामने जनप्रतिनिधियों के बैठने की व्यवस्था थी.

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