अगर आपके जीवन में प्रगति रुक गई है और भाग्य का साथ नहीं मिल रहा है तो रविवार के दिन सूर्य देव की उपासना कर उनके मंत्रों का जाप कर सकते हैं. सनातन धर्म में रविवार का दिन सूर्य देव की उपासना के लिए समर्पित है है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार रविवार के दिन की शुरुआत सूर्य देव से होती है. जो लोग इस दिन सूर्य देव की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं और सूर्य देव के दिव्य और शक्तिशाली मंत्रों का जाप करते हैं उनकी कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत हो जाती है. सम्मान और पद में बढ़ोतरी होती है.
जीवन में बाधाएं खत्म नहीं हो पा रही हैं और सफलता नहीं मिल रही, कोई भी काम करते-करते रुक जाती है या आत्मविश्वास कम हो गया है तो रविवार के दिन सूर्य देव के मंत्रों का जाप करना शुभ फलदायी सिद्ध हो सकता है. आइए सूर्य देव के मंत्र जानें.
सूर्य गायत्री मंत्र का करें जाप
ॐ सप्ततुरंगाय विद्महे सहस्रकिरणाय धीमहि तन्नो रविः प्रचोदयात्।
सूर्य गायत्री मंत्र का जाप करने से एकाग्रता और बुद्धि बढ़ती है. रविवार की सुबह स्नान करें और 108 बार इस मंत्र का जाप करें. जीवन में सकारात्मकता आएगी और हिम्मत बनी रहेगी.
आरोग्य प्रदायक मंत्र का करें जाप
ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः।
अगर पुरानी बीमारी दूर नहीं हो रही है और हमेशा शारीरिक कमजोरी बनी रहती है तो इस मंत्र का जाप करें. ऊर्जा का पूरे शरीर में संचार होगा और सभी रोगों से छुटकारा मिल सकता है.
सुख-समृद्धि के लिए करें इस मंत्र का जाप
ॐ घृणि सूर्याय नमः।
सूर्य देव के इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक और प्रभावशाली बदलाव होते हैं. नियमित रूप से इस मंत्र का जाप करने से दरिद्रता का नाश होता है और जीवन में सुख बढ़ता है.
शत्रु बाधा दूर करने के लिए इस मंत्र का करें जाप
ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ।
कार्यक्षेत्र में अगर गुप्त शत्रु परेशान कर रहे हैं तो सूर्य देव के इस मंत्र का जाप करें. इस एक मंत्र के जाप से व्यक्ति के चारों ओर एक सुरक्षा कवच का निर्माण हो जाता है. इस मंत्र के जाप से आत्मविश्वास बढ़ता है.
सूर्य बीज मंत्र का करें जाप
मंत्र- ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः।
सूर्य देव के बीज मंत्र का जाप करने से सम्मान बड़ता है. रविवार के दिन लाल चंदन की माला पर इस मंत्र का जाप करें. इस उपाय से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है और सूर्य दोष दूर होता है.
















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