कानपुर पोस्टमार्टम हाउस में कागज मांगने पर सोमवार देर रात बॉडी रखवाने आए जीआरपी कांस्टेबल ने कर्मचारी की लात-घूसों से जमकर पिटाई कर दी. कर्मचारी के साथ मारपीट की जानकारी मिलने पर पोस्टमार्टम कर्मियों में आक्रोश फैल गया. कर्मियों ने जीआरपी इंस्पेक्टर पर कार्रवाई की मांग करते हुए काम बंद कर दिया.
पोस्टमार्टम प्रभारी के समझाने के बावजूद कर्मचारी मांग पर अड़े रहे. पीड़ित ने स्वरूप नगर थाने में कांस्टेबल के खिलाफ तहरीर दी. जानकारी पर जीआरपी इंस्पेक्टर ओम नारायण सिंह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे. करीब चार घंटे पोस्टमार्टम प्रभारी व पीड़ित के बातचीत के बाद मामला शांत हुआ.

पोस्टमार्टम हाउस में काम बंद कर खड़े आक्रोशित कर्मचारी.
शव रखने के लिए प्रार्थना पत्र मांगने पर पीटा: पोस्टमार्टम हाउस कर्मचारी कल्लू के मुताबिक सोमवार रात करीब 1:20 बजे वह परिसर में सो रहा था. इस दौरान जीआरपी कांस्टेबल मंगला प्रसाद एक शव लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे. कल्लू ने बताया कि दरवाजा खटखटाने पर पूछा तो जीआरपी कांस्टेबल ने अपना परिचय देते हुए कहा कि फतेहपुर निवासी रिशू नाम के युवक का शव पोस्टमार्टम हाउस में रखना है.
जेल भिजवाने की धमकी दी: आरोप है कि प्रार्थना पत्र मांगने पर कांस्टेबल अभद्रता करने लगा. कल्लू ने कांस्टेबल से कहा कि शव रखने से पहले एक लिखित प्रार्थना पत्र पोस्टमार्टम प्रभारी को देना होता है जिसके बाद कांस्टेबल उग्र हो गया और गाली-गलौज करते हुए थप्पड़ मारे और गिरा कर लातों से पीटा. शोर शराबा सुनकर परिसर में रहने वाले गंगा प्रसाद ने बीच-बचाव कराया. आरोप है कि इसके बाद कांस्टेबल ने फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दी.

पोस्टमार्टम प्रक्रिया रुकने से आक्रोशित मृतकों के परिजन.
पोस्टमार्टम कर्मियों ने काप ठप किया: मंगलवार को पीड़ित कल्लू ने मामले की शिकायत स्वरूप नगर थाने में की. कर्मचारी की पिटाई से नाराज पोस्टमार्टम कर्मियों ने काप ठप कर दिया जिसके बाद पोस्टमार्टम प्रभारी विपुल चतुर्वेदी ने पूरे मामले की जानकारी सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी को दी. वहीं पोस्टमार्टम प्रक्रिया रुकने से लोगों की भीड़ जमा हो गई. काम ठप होने की जानकारी पर जीआरपी इंस्पेक्टर ओम नारायण सिंह मौके पर पहुंचे और पीड़ित को समझाने का प्रयास किया.
पोस्टमार्टम प्रभारी डॉ विपुल चतुर्वेदी व पीड़ित कर्मचारी के बीच कई चरणों में वार्ता चलती रही. इस दौरान शवों के इंतजार में बैठे परिजनों के सब्र का बांध टूट गया. दोपहर 2 बजे तक पोस्टमार्टम प्रक्रिया शुरू न होने पर उन्होने हंगामा शुरू कर दिया. दोपहर 2:30 बजे दोनों पक्षों में समझौता हो गया, जिसके बाद पोस्टमार्टम प्रक्रिया शुरू हुई.
















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