प्रतिबंध के बावजूद इस्तेमाल हो रहा चाइनीज मांझा अब पक्षियों के लिए भी जानलेवा साबित हो रहा है. कानपुर में किदवई नगर के जूही डिपो में चाइनीज मांझे की चपेट में आकर गोल्डन ईगल घायल हो गया. उड़ने में असमर्थ पक्षी को दो बच्चों ने देखा तो उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. इसके बाद दिन-रात उसकी निगरानी कर कुत्तों और बिल्लियों से बचाया. इंटरनेट से वन विभाग का नंबर तलाशकर सूचना दी और टीम के पहुंचने तक पक्षी का साथ नहीं छोड़ा.
जूही डिपो निवासी अश्विक श्रीवास्तव और प्रणव श्रीवास्तव को घायल गोल्डन ईगल मिला था. उसके शरीर में चाइनीज मांझा उलझा हुआ था, जिससे वह घायल होकर उड़ नहीं पा रहा था. दोनों बच्चों ने उसे उठाकर सुरक्षित जगह रखा. पक्षी पर कुत्ते या बिल्लियां हमला न कर दें, इसके लिए बच्चे लगातार उसकी निगरानी करते रहे.
बच्चों ने इंटरनेट के जरिये वन विभाग का संपर्क नंबर खोजा और अधिकारियों को गोल्डन ईगल के घायल होने की सूचना दी. वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पक्षी को सुरक्षित अपने साथ ले गई. बच्चों ने उसे टीम के सुपुर्द करने तक पूरी जिम्मेदारी से उसकी देखभाल की. चाइनीज मांझे की धार से आए दिन इंसानों के साथ पक्षी भी घायल होते हैं. इस घटना में भी मांझे ने एक उड़ते पक्षी को घायल कर दिया. वहीं, बच्चों की संवेदनशीलता से उसकी जान बच सकी. स्थानीय लोगों ने दोनों बच्चों की पहल की सराहना करते हुए चाइनीज मांझे के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक की जरूरत बताई.
















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