UP में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है. राज्य में लगातार बढ़ रहे मरीजों और राजधानी लखनऊ में एक 50 वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत के बाद चिंता की लहर दौड़ गई है. लखनऊ के इंदिरानगर की रहने वाली इस महिला की इलाज के दौरान जान चली गई, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया. अब उनके संपर्क में आए सभी लोगों की पहचान कर उन्हें निगरानी में रखा जा रहा है. स्वाइन फ्लू के इस गंभीर रूप को देखते हुए पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है.
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 25 अगस्त तक पूरे प्रदेश में स्वाइन फ्लू के 337 मरीजों की पुष्टि हो चुकी थी. सबसे ज्यादा खराब स्थिति पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में देखने को मिल रही है, जहां मामलों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है. नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ जैसे शहरों में मौसमी बदलाव और हवा में नमी के कारण यह वायरस तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है. स्वास्थ्य विभाग के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती मरीजों की पहचान करना, उनके संपर्क में आए लोगों को खोजना और अस्पतालों में इलाज की पुख्ता व्यवस्था करना है.
लक्षणों की पहचान और बचाव : डॉक्टरों के अनुसार, स्वाइन फ्लू से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि सही समय पर सतर्कता बरतना जरूरी है. यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश या दर्द, अत्यधिक कमजोरी और सांस लेने में कठिनाई महसूस हो, तो इसे आम सर्दी-जुकाम समझने की भूल न करें. ऐसे लक्षण दिखाई देते ही तुरंत नजदीकी सरकारी या अधिकृत अस्पताल जाकर डॉक्टर से परामर्श लें. समय पर जांच और दवा शुरू होने से मरीज बहुत जल्दी स्वस्थ हो जाता है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना, हाथों को बार-बार धोना और लक्षण दिखने पर खुद को घर में अलग रख लेना ही इस संक्रमण को रोकने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है.
जिले के अनुसार आंकड़ों से समझें अपने शहर का हाल: स्वाइन फ्लू के फैलाव को समझने के लिए राज्य के प्रमुख जिलों में दर्ज किए गए मामलों का विवरण इस प्रकार है.
➤गौतमबुद्ध नगर (नोएडा): 120 मरीज (एक ही दिन में 106 नए मामले दर्ज किए गए)
➤गाजियाबाद: 9 मरीज (ये सभी नए मामले बीते 10 दिनों में सामने आए)
➤लखनऊ: 13 मरीज (पिछले एक महीने में 3 नए मरीजों के साथ 1 मौत)
➤मेरठ: 7 मरीज (हाल ही में 3 नए मरीज मिलने के बाद कुल आंकड़ा 7 पहुंचा)
➤प्रयागराज: कौशांबी की एक महिला में पुष्टि होने के बाद प्रयागराज में निगरानी तेज
➤आगरा: 1 संदिग्ध मरीज मिलने के बाद जिले में सतर्कता का अलर्ट जारी
अस्पतालों को सख्त निर्देश और मुख्यमंत्री की समीक्षा: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गए हैं. राज्य के सभी 75 जिलों के अस्पतालों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की गई है. मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अस्पतालों में बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ से जूझ रहे मरीजों की विशेष जांच करें. गंभीर सांस संबंधी संक्रमण (एसएआरआई) के मरीजों की अलग से निगरानी की जा रही है. मुख्यमंत्री ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे हर जिले की स्थिति पर नजर रखें और अस्पतालों में स्वाइन फ्लू की दवाइयों, ऑक्सीजन और अलग आइसोलेशन वार्ड की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें.















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