आकाश आनंद BSP के सभी पदों से हटाए गए, मायावती ने ‘अपरिपक्व’ बताकर बड़ी जिम्मेदारियों से किया दूर

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बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने संगठन को मजबूत करने के लिए लखनऊ में ऑल-इंडिया स्तर की एक अहम बैठक बुलाई. समीक्षा बैठक के दौरान मायावती ने कड़ा फैसला लेते हुए आकाश आनंद को ‘अपरिपक्व’ बताते हुए पार्टी के सभी पदों से हटा दिया और उन्हें किसी भी बड़ी जिम्मेदारी से दूर रखने का निर्णय लिया.

मायावती ने नेताओं को अपनी कमियों को सुधारने और पूरी ईमानदारी व अनुशासन के साथ काम करने की सख्त हिदायत दी. उन्होंने ज्वलंत सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर पार्टी का स्टैंड साफ किया और पदाधिकारियों को कैडर को जमीनी स्तर पर एकजुट करने का निर्देश दिया

आकाश बनाम ईशान की चर्चा ने बढ़ाई हलचल: एक तरफ राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से आकाश आनंद की गैरमौजूदगी चर्चा में है, तो दूसरी तरफ ईशान आनंद को संभावित जिम्मेदारी मिलने की खबर ने BSP की सियासत को और दिलचस्प बना दिया है. हालांकि, ईशान को कौन सी जिम्मेदारी दी जाएगी और पार्टी में उनकी भूमिका क्या होगी, इस पर अंतिम तस्वीर मायावती के फैसले के बाद ही साफ होगी.

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती गुरुवार को लखनऊ स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक कर रही हैं. सुबह 11 बजे से शुरू हुई इस बैठक में देश के अलग-अलग राज्यों के प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए. बैठक में आने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी की रणनीति पर चर्चा हो रही है.  खास तौर पर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब समेत पांच राज्यों में होने वाले चुनावों को लेकर संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों को तेज करने पर जोर है.

हालांकि, इस बैठक से जुड़ी सबसे ज्यादा चर्चा पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक रहे आकाश आनंद को लेकर है. जानकारी के मुताबिक, आकाश आनंद को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की इस बैठक में नहीं बुलाया गया है. ऐसे में एक बार फिर पार्टी के भीतर उनकी भूमिका और मायावती के साथ उनके राजनीतिक समीकरण को लेकर सवाल उठने लगे हैं.

आकाश आनंद की गैरमौजूदगी ने बढ़ाई सियासी चर्चा: आकाश आनंद लंबे समय तक मायावती के उत्तराधिकारी के तौर पर देखे जाते रहे हैं. पार्टी में उन्हें बड़ी जिम्मेदारियां भी दी गई थीं और उन्होंने कई मौकों पर BSP के लिए चुनावी अभियान की कमान संभाली. लेकिन पिछले कुछ समय से पार्टी में उनकी सक्रिय भूमिका को लेकर तस्वीर बदलती नजर आई है.

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उनका शामिल न होना इसी बदलाव की एक और कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है. BSP के भीतर होने वाले बड़े फैसलों और संगठन से जुड़े कार्यक्रमों में आकाश की भूमिका पर लगातार चर्चा होती रही है. ऐसे में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से उनकी दूरी राजनीतिक हलकों में खासा ध्यान खींच रही है.

अब ईशान आनंद पर नजर, मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी: इस बीच मायावती के छोटे बेटे ईशान आनंद को लेकर भी अटकलें तेज हैं. माना जा रहा है कि मायावती उन्हें पार्टी में नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर आगे बढ़ा सकती हैं. अगर ऐसा होता है तो BSP की राजनीति में यह एक बड़ा बदलाव माना जाएगा. ईशान आनंद अभी तक आकाश आनंद की तरह पार्टी की राजनीति में खुलकर सक्रिय नजर नहीं आए हैं. ऐसे में उन्हें संगठन में जिम्मेदारी मिलने की स्थिति में यह देखना दिलचस्प होगा कि मायावती पार्टी के युवा नेतृत्व को किस तरह आगे बढ़ाती हैं.

2027 की तैयारी में संगठन पर मायावती का पूरा फोकस: BSP के लिए 2027 का विधानसभा चुनाव बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.  उत्तर प्रदेश के साथ-साथ उत्तराखंड, पंजाब समेत पांच राज्यों में होने वाले चुनावों को लेकर पार्टी अभी से अपनी रणनीति तैयार कर रही है. राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में संगठन की जमीनी स्थिति, बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत करने और संभावित प्रत्याशियों के चयन जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी है. मायावती की कोशिश है कि चुनाव से पहले पार्टी के संगठन को पूरी तरह सक्रिय किया जाए और कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जाए. इसके लिए राज्यों के पदाधिकारियों से उनके क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी ली जा रही है.

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