कानपुर कचहरी में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक में जमकर हंगामा हुआ. बार व लॉयर्स एसोसिएशन के महामंत्री की अगुवाई में दो दर्जन से अधिक अधिवक्ताओं ने परिसर में जमकर नारेबाजी की. इस दौरान काम कर रहे वकीलों ने उनकी नोंकझोक भी हो गई.
मामला हाथापाई तक पहुंच गया, जिसके बाद कचहरी में अफरा तफरी का माहौल बन गया. लोक अदालत में निस्तारण के लिए शिविर लगाए लोग हंगामे के चलते भाग निकले.

कानपुर कचहरी में नारेबाजी करते अधिवक्ता.
हंगामें की सूचना पर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल फोर्स के साथ कचहरी पहुंचे, जहां छोटे–छोटे बच्चों के साथ सजेती से आई एक महिला पुलिस कमिश्नर से गिड़गिड़ाने लगी. वह बोली– बच्चों के पिता की मौत हो चुकी है, उन्होंने 70 हजार रुपए क्रेडिट कार्ड से लोन लिया था जिसके निस्तारण के लिए वह लंबे समय से भटक रही है. आज कचहरी पहुंची तो वकीलों ने काम न होने की बात कहते हुए लौटने की बात कह रहे है.
वह पुलिस कमिश्नर के हाथ जोड़कर बोली- कि साहब काम करा दो. जिस पर पुलिस कमिश्नर के साथ मौजूद न्यायिक अधिकारियों ने काम होने का आश्वासन दिया. करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद वादों का निस्तारण करने का काम शुरू हुआ.

बार एसोसिएशन के महामंत्री से वार्ता करते पुलिस कमिश्नर.
दो दिन के प्रांतीय सम्मेलन में कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया गया था: बार व लॉयर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में दो दिन चले प्रांतीय सम्मेलन के आखिरी दिन मंच से राष्ट्रीय लोक अदालत के बहिष्कार की घोषणा की गई थी. वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत अपने तय समय सुबह 10 बजे शुरू हुई, जहां वादकारी अपने लंबित वादों का निस्तारण करा रहे थे.
इसी दौरान बार के महामंत्री बिनय मिश्रा व लायर्स एसोसिएशन के महामंत्री राजीव यादव के नेतृत्व में लगभग दो दर्जन अधिवक्ताओं का हुजूम अधिवक्ता एकता जिंदाबाद, लोक अदालत का बहिष्कार करो… के नारे लगाते हुए दीवानी न्यायालय परिसर पहुंचे.

हंगामे के दौरान कचहरी से लौटते लॉ स्टूडेंट
जहां कुछ अधिवक्ता काम करते हुए दिखे, जिस पर उन्हें कार्य बहिष्कार करने की बात कहते हुए, उनसे कोई कार्य न करने का निवेदन किया गया. इसी बीच कुछ अधिवक्ताओं से नोंकझोक हो गई, जिसके बाद बात हाथापाई तक पहुंच गई. विवाद बढ़ने पर लोगों ने बीच–बचाव कर अधिवक्ताओं को शांत कराया. हंगामा बढ़ता देख बैंक, बीमा कंपनी, केस्को के लगे निस्तारण कैंप में बैठे लोग इधर–उधर हो गए.
हंगामे की जानकारी पर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे, जिसके बाद फोर्स ने कचहरी परिसर की भूतल से लेकर पांचवें तल तक गश्त की, हालांकि तब तक हंगमा शांत हो चुका था. इसके बाद पुलिस कमिश्नर, न्यायिक अधिकारियों व बार व लॉयर्स के महामंत्रियों के बीच वार्ता हुई.
जिसमें उन्होंने दावा किया कि किसी वादकारी को परेशान नहीं किया गया। सिर्फ अधिवक्ताओं से काम न करने को कहा गया. इसके बाद लगभग डेढ़ बजे व्यवस्था सामान्य हुई, और वादकारियों के समस्याएं सुनी गई.
पुलिस कमिश्नर से गिड़गिड़ायी पीड़िता: हंगामें के दौरान सैकड़ों की संख्या में कचहरी पहुंचे वादकारी भटकते नजर आए. हंगामें के बीच सजेती से आई सरोज पुलिस कमिश्नर ने कहा कि उनके भतीजे अभय की दो साल पहले मौत हो चुकी है. उसने क्रेडिट कार्ड से 70 हजार रुपए लोन लिया था, जिसका लगातार ब्याज बढ़ता जा रहा है. बैंक कर्मचारी अक्सर घर आ धमकते है। लोन खत्म कराने के लिए वह लंबे समय से बैंक के चक्कर लगा रही, लेकिन निस्तारण नहीं हो सका.
जिसके बाद वह शनिवार को लोक अदालत भतीजे के 3 बच्चों के साथ पहुंची, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हो पाई है. इस दौरान बार एसोसिएशन के महामंत्री बिनय मिश्रा व अन्य न्यायिक अधिकारियों ने मामले का निस्तारण होने की बात कहते हुए उन्हें शांत कराया.
हंगामें के बीच कचहरी से लौटे लॉ स्टूडेंट: शनिवार को एसजे महाविद्यालय के छात्र कानपुर कचहरी में किए जाने वाले काम काजों की प्रक्रिया को समझने के लिए कचहरी आए हुए थे, जहां उन्हें राष्ट्रीय लोक अदालत में किस तरह से वादों का निस्तारण होता है, कानूनी प्रक्रिया समझाने के लिए 30 बच्चों का एक ग्रुप कचहरी आया था, लेकिन हंगामा होता देख लॉ स्टूडेंट सहम गए. कुछ देर बाद वह बिना कानूनी प्रक्रिया समझे अपने कॉलेज वापस चले गए.
















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