शराब के लिए 500 रूपए ना देने पर युवक की पीट-पीटकर हत्या, 5 साल पहले भाई को भी मारा था

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कानपुर में शराब के लिए 500 रुपए नहीं देने पर युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. पीटने वालों ने उसे मरणासन्न हालत में छोड़ा था. चार दिन तक उसका इलाज चला. शुक्रवार रात निजी अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया. शनिवार को पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा. हत्यारोपियों से उसकी पुरानी रंजिश भी चल रही थी.

परिवार का आरोप है कि दिनेश को पुरानी रंजिश में निशाना बनाया गया. पांच साल पहले उसके बड़े भाई राजकुमार की भी पीट-पीटकर हत्या हुई थी. परिवार दोनों घटनाओं को जोड़कर देख रहा है. पुलिस ने परिजनों के आरोपों को जांच में शामिल किया है.

मृतक दिनेश निषाद के भाई राजेश ने बताया कि चार लोगों ने उसे घेरकर मारा है.

घर लौटते वक्त देर रात दिया वारदात को अंजाम, आरोपी घर से फरार: नवाबगंज थाना क्षेत्र के उजियारीपुरवा में रहने वाले राजेश निषाद ने बताया कि बीते सोमवार रात करीब 10 बजे उनका छोटा भाई दिनेश निषाद (24) घर लौट रहा था. वह सूर्य बिहार स्थित केनरा बैंक के पास पहुंचा था, तभी छोटू बिहारी, छोटू पुत्र बिंदा समेत चार लोगों ने उसे घेर लिया.

आरोप है कि चारों ने दिनेश से शराब पीने के लिए पहले 500 रुपये मांगे. दिनेश ने रुपये देने से मना किया तो आरोपियों ने उसे घेरकर पीटना शुरू कर दिया. इस दौरान छोटू ने सड़क किनारे पड़ी ईंट उठाकर दिनेश के सिर और शरीर के कई हिस्सों पर ताबड़तोड़ वार कर दिए. गंभीर रूप से घायल दिनेश को आरोपी मृत समझकर भाग निकले, राहगीरों की सूचना पर परिवार के लोग और नवाबगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंची. परिवार के लोगों ने गंभीर रूप से घायल दिनेश को विकास नगर के एक निजी अस्पताल में एडमिट कराया, जहां पर इलाज के दौरान शुक्रवार रात को दिनेश ने दम तोड़ दिया.

मौत से पहले दिनेश ने लिया आरोपियों का नाम: मृतक के भाई राजेश निषाद ने बताया कि पुलिस ने उनकी तहरीर पर मामूली धाराओं में मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कर ली. इतना नहीं पुलिस ने गंभीर रूप से घायल का अस्पताल में पहुंचकर बयान लेना भी उचित नहीं समझा जबकि परिवार के लोग बार-बार कहते रहे कि उनके भाई पर हत्या के इरादे से हमला किया गया है.

मृतक के भाई की मानें तो मौत से पहले बातचीत के दौरान दिनेश ने छोटू बिहारी, छोटू पुत्र बिंदा समेत दो अज्ञात लोगों द्वारा रुपये छीनने और जानलेवा हमले की बात बताई. पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी के बाद भी आरोपियों की अरेस्टिंग करने की बजाए मामले में लीपापोती करती रही. मौत के बाद नवाबगंज थाना प्रभारी समेत अन्य अफसर हरकत में आए और आरोपियों की तलाश में अब दबिश शुरू की है.

चार दिन तक चला इलाज, शुक्रवार रात तोड़ा दम: गंभीर हालत में दिनेश का करीब चार दिनों तक अस्पताल में उपचार चला. शुक्रवार देर रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई. मौत की खबर घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने छोटू समेत दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.

2021 में एक और भाई की इसी तरह हो चुकी है जघन्य हत्या: दिनेश के बड़े भाई राजेश ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2021 में उनके तीसरे नंबर के भाई राजकुमार (27) की भी पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. राजेश का आरोप है कि उस हत्याकांड में दीपू सागर, आकाश उर्फ अक्का, विकास उर्फ विक्का समेत सात लोग नामजद थे. उनके मुताबिक, मामले में आरोपी जेल गए थे और कुछ दिन पहले ही जमानत पर बाहर आए थे.

राजेश का आरोप है कि आरोपियों के जेल से बाहर आने के बाद उनके गैंग के सदस्यों ने परिवार के सबसे छोटे भाई दिनेश को भी निशाना बना लिया. उन्होंने आरोप लगाया कि पुरानी रंजिश के चलते परिवार के सदस्यों को लगातार टारगेट किया जा रहा है. परिजनों ने कुछ सफेदपोश लोगों के संरक्षण का भी आरोप लगाया है.

4 टीमें लगाईं, 3 आरोपी हिरासत में: नवाबगंज थाना प्रभारी राम केसर ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार पुलिस टीमों का गठन किया गया है. नामजद आरोपी फिलहाल फरार हैं. पूछताछ के लिए तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है. घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. जल्द ही नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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