जौनपुर में 180 रुपए के लिए हत्या पर बवाल-तोड़फोड़: मजिस्ट्रेट पर पथराव, SP की गाड़ी तोड़ी

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जौनपुर में एक युवक का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई। घटना के चश्मदीद का कहना है कि उधार के 180 रुपए नहीं देने पर मेरे दोस्त को मार दिया गया। 5 दिन पहले हुई वारदात में आज तक हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर घरवालों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर सड़क जाम कर दी. परिजनों को समझाने पहुंचे मजिस्ट्रेट और पुलिस टीम पर पथराव किया. SP समेत 5 गाड़ियों के शीशे तोड़ डाले.

इसके बाद पुलिस ने लाठियां भांजकर ग्रामीणों को खदेड़ा। मौके पर 5 थानों की पुलिस, दो बटालियन PAC मौजूद है. अभी भी मौके पर करीब 600 लोगों की भीड़ इकट्‌ठा है. परिजनों की गिरफ्तारी कर एनकाउंटर करने की मांग कर रहे हैं. डीएम और एसपी प्रदर्शनकारियों का समझाने में जुटे हुए है.

पथराव के दौरान एसपी ग्रामीण शैलेंद्र सिंह और सीओ मड़ियाहूं विवेक सिंह ने भी किसी तरह भागकर जान बचाई. इस दौरान लेखपाल प्रमोद श्रीवास्तव को चोट लगी. एसपी ग्रामीण की गाड़ी समेत 5 गाड़ियों के शीशे टूट गए। इनमें थाना मीरगंज, थाना नेवढ़िया, थाना पवारा और थाना सुरेरी की गाड़ियां शामिल हैं।

वहीं, एसपी डॉ. अजय पाल शर्मा ने घर-घर जाकर आरोपियों को ढूंढा. डीएम दिनेश कुमार ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर सख्त कार्रवाई करने की बात कही. इस दौरान पुलिस टीम ने कई लोगों को हिरासत में लिया है.

चश्मदीद बोला- 3 महीने पहले की रंजिश का बदला लिया

युवक के दोस्त और हत्या के चश्मदीद गवाह मोहन ने बताया- निगोह बाजार में पड़ोसी गांव गहली कठरवा के राजू यादव की फास्ट फूड की दुकान है. 3 महीने पहले दुकान पर फास्ट फूड खाने को लेकर बरसठी थाना क्षेत्र के जमुनीपुर (मंगरमु) गांव निवासी बल्ली का विवेक से विवाद हुआ था.

रविवार देर शाम करीब 8 बजे विवेक और मोहन जमुनीपुर गेट के पास सिगरेट लेने के लिए रुके लेकिन, गुमटी में सिगरेट न होने के कारण मोहन बगल की दुकान से लाने चला गया. तभी बल्ली विवेक के पास आ गया और अपने उधार का 180 रुपए मांगने लगा.

दोस्तों को फोन करके बुलाया, उठाकर ले गए

विवेक ने कहा, मैंने खाने के लिए ऑर्डर नहीं दिया था. इसी बात को लेकर दोनों में गाली-गलौज शुरू हो गई. इस बीच बल्ली ने अपने गांव के लड़कों को फोन कर मौके पर बुला लिया. वे लोग विवेक को मारने-पीटने लगे. इसके बाद बाइक पर बैठा लिया. मोहन ने विवेक को बचाने के लिए गाड़ी की चाभी निकाली, तो बदमाशों ने उसे भी पीटा.

मोहन जान बचा कर बगल की हरिजन बस्ती में भाग निकला. शोर-शराबा मचते ही गांव की महिलाएं निकलीं, लेकिन तब तक आरोपी विवेक को लेकर जा चुके थे. परिजनों ने रविवार रात ही पड़ोसी गांव के राजू यादव, लक्ष्मण यादव, बल्ली व अन्य के खिलाफ नामजद शिकायत की थी। हत्या की आशंका भी जताई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई.

एक दिन पहले भी परिजनों ने घेरा था थाना

मंगलवार को विवेक का शव भदोही के सुरियांवा थाना क्षेत्र के बीरमपुर ठकुराइन के तारा के पास मिला था. पुलिस ने पड़ोस गांव में रहने वाले आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था. बुधवार को परिजनों ने थाने का घेराव कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें लौटा दिया. गुरुवार को फिर से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क जाम कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी.

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