चार महीने पहले तरक्की पा कर दारोगा बनने वाला 3500 रुपये की घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार

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उन्नाव जिले में एंटी करप्शन की टीम ने एक दारोगा को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. वह जिस पान की गुमटी पर रिश्वत के पैसे ले रहा था, उस दुकानदार को भी पकड़ लिया गया है. टीम पूछताछ के लिए उसे अपने साथ ले गई है. आरोप है कि एक्सीडेंट के एक केस को रफा दफा करने के एवज में दारोगा ने घूस मांगी थी.

पूरा मामला उन्नाव के पुरवा कोतवाली क्षेत्र का है, जहां कोतवाली में तैनात दारोगा राजेंद्र सरोज को एंटी करप्शन की टीम ने गिरफ्तार किया है. दारोगा पान की गुमटी में रिश्वत ले रहा था, तभी उसे रंगे हाथों पकड़ लिया गया. दारोगा को गिरफ्तार कर टीम अपने साथ ले जाने लगी तो स्थानीय लोगों की भीड़ इक्कठा हो गई.

ऐसे में आरोपी दारोगा राजेंद्र सरोज को एंटी करप्शन के अधिकारी अपने साथ गाड़ी में बैठाकर थाने ले गए. साथ ही बीच बचाव कर रहे पान की दुकान चलाने वाले को भी अपने साथ ले गए.

जानकारी के मुताबिक, कोतवाली में हल्का नंबर तीन में तैनात दारोगा राजेंद्र सरोज मूल रूप से प्रतापगढ़ जिले के सांगीपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला है. करीब 2 साल से वह पुरवा कोतवाली में तैनात था. पिछले वर्ष नवंबर 2024 में ही उसका दीवान से सब-इंस्पेक्टर के रूप में प्रमोशन हुआ था. बीते मंगलवार को एंटी करप्शन टीम ने उसे पुरवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने एक ढाबे के पास पान की गुमटी में रिश्वत लेते हुए दबोच लिया.

बताया जा रहा है कि सड़क दुर्घटना का एक केस पुरवा थाने में चल रहा था, उसी की विवेचना उपनिरीक्षक राजेंद्र सरोज के पास थी. केस को रफा दफा करने के लिए दारोगा ने 3500 रुपये की रिश्वत मांगी थी. पीड़ित से शिकायत मिलने पर एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाकर दारोगा को पकड़ लिया.

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