उन्नाव में डूब रहे 3 बच्चों को पंडा ने बचाया: बकरीद पर 5 दोस्त गंगा नहाने गए थे, 2 की मौत

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उन्नाव में बकरीद पर गंगा नदी में नहाने गए 5 बच्चे डूब गए. घाट पर मौजूद पंडा ने जैसे ही बच्चों को डूबते देखा तो छलांग लगा दी. पंडा अपनी जान जोखिम में डालकर तीन बच्चों को बाहर निकाल लाया लेकिन 2 बच्चे तेज बहाव से गहराई में चले गए, जिससे वे डूब गए और उनकी मौत हो गई.

पुलिस और गोताखोरों की टीम रेस्क्यू चला रही है. एक घंटे बाद एक बच्चे का शव बरामद हुआ है. दूसरा अभी लापता है. उसकी तलाश चल रही है. परिजनों का रो-रोक बुरा हाल है. वहीं, सुरक्षित बचाए गए बच्चों के माता-पिता ने पंडा को आभार जताया. बच्चे अपने घरवालों को मॉल जाने की बात कहकर निकले थे, लेकिन वे गंगा में नहाने पहुंच गए. पुलिस ने बरामद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है.

यह पूरा मामला शुक्लागंज में रेलवे गंगा पुल के पास का है. शनिवार दोपहर करीब 1 बजे डीएसएन रोड स्थित मोहम्मदिया मस्जिद के पास रहने वाले एबी नगर के 5 बच्चे गंगा नहाने पहुंचे. इनमें अनस (12) पुत्र लाला, समीर (14) पुत्र झुर्री, अहद (12) पुत्र शमीम, असद (13) पुत्र बबलू और महबूब आलम (14) पुत्र इस्लामुद्दीन शामिल थे. सभी गंगा में नहा रहे थे. इसी दौरान अनस और समीर गहरे पानी में चले गए. दोनों डूबने लगे. अहद-असद और उसके अन्य साथियों ने देखा तो बचाने दौड़े. मदद के लिए भी आवाज लगाई.

उस वक्त घाट पर पंडा मकरध्वज तिवारी मौजूद थे. वे बच्चों की तरफ दौड़े और नदी में छलांग लगा दी. पंडा मकरध्वज ने असद, अहद और महबूब को बचा लिया गया जबकि अनस और समीर गहरे पानी में चले गए. नदी में दोनों बच्चे 2-3 बार ऊपर-नीचे आए. फिर लापता हो गए. सदरी उतारकर फेंकी, नदी में छलांग लगा दी.

ये पंडा मकरध्वज तिवारी हैं.

उन्होंने कहा, बच्चों की जान बचाना मेरा धर्म था. पंडा मकरध्वज तिवारी ने बताया, रोज कि तरह घाट किनारे हम अपनी मड़ैया में बैठे थे. कुछ यात्री यहां स्नान के लिए आए हुए थे. अचानक हमें पीछे से आवाज आई कि डूब गए…डूब गए. हमने बिना देर किए उसी तरफ दौड़ लगा दी. अपनी सदरी उतार के फेंकी और गंगा में छलांग लगा दी. दो बच्चे किनारे पर डूब-उतरा रहे थे. तीन बच्चे गंगा में गहराई में जा रहे थे. हमने सबसे पहले एक बच्चे को खींचकर बचाया फिर किनारे वाले बच्चों को बाहर निकाला. दो बच्चे ज्यादा गहराई में चले गए, इस कारण उन्हें बचा नहीं सके. जब हमने बच्चों को बचाया तो हमें नहीं पता था कि उनका धर्म क्या है? अगर पता होता, तब भी हम यही करते. किसी की भी जान अगर हमारे हाथों से बच सकती है तो ये हमारा सौभाग्य है. दिन-रात हम लोग गंगा मैया की सेवा करते हैं. मुझे दो बच्चों को न बचा पाने का कष्ट है

इन तीन बच्चों को पंडा मकरध्वज तिवारी ने बचाया. उन्हें सुरक्षित नदी से बाहर निकाला.

कपड़े की दुकान पर करते हैं काम: नदी में डूबने वाला अनस 4 भाइयों और एक बहन में तीसरे नंबर का था. एक घंटे के रेस्क्यू के बाद उसका शव बरामद कर लिया गया. वहीं, समीर की केवल एक बहन है। उसके माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है. अनस और समीर दोनों चचेरे भाई हैं और एक कपड़े की दुकान पर काम करते थे. मॉल जाने की बात कहकर निकले बचाए गए बच्चों ने बताया, हम लोग सुबह 11 बजे घर से निकले थे. घर पर जेड स्क्वायर मॉल जाने की बात बताई थी। इसके बाद बस से कानपुर गए और वहां पर मॉल घूमा. ई-रिक्शा से लौट कर घर जा रहे थे, उसी समय अनस और समीर जिद करने लगे कि गंगा नहा लेते हैं.

घटना की सूचना मिलते ही लोगों की भीड़ लग गई.

आगे जाने से रोका पर नहीं माने: असद ने बताया, हम लोग नहाने गए तो समीर और अनस आगे जाने लगे. उन्हें आगे जाने से रोका, पर मान नहीं रहे थे. अचानक से वो लोग डूबने लगे और बचाने के लिए चिल्लाने लगे. उन्हें बचाने के लिए सबसे पहले महबूब आलम जाने लगा. थोड़ा आगे जाते ही वह भी डूबने लगा. पहले किनारे वाले बच्चों को बचाया अहद और असद किनारे ही नहा रहे थे. दोस्तों को डूबता देख उसने शोर मचाया. वह बचाने के लिए आगे बढ़ा तो वो लोग भी डूबने लगा. पंडा मकरध्वज ने दौड़कर पहले किनारे वाले दोनों बच्चों अहद और असद को बाहर किया. इसके बाद छलांग लगाकर महबूब आलम को बाहर निकाला. उन्होंने अनस और समीर को बचाने की भी काफी कोशिश की, लेकिन वह लोग ज्यादा गहरे पानी में चले गए थे.

इंस्पेक्टर गंगाघाट पीके मिश्रा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. भाई बोला- मैच खेलने निकले थे इंस्पेक्टर गंगाघाट पीके मिश्रा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कराया. साथ ही गोताखोरों की टीम को भी बुलाया. आनंद घाट के पास मौजूद अनुभवी गोताखोरों ने गंगा में छलांग लगाई और एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अनस का शव बरामद किया गया. समीर अब तक लापता, गोताखोरों की तलाश जारी- दूसरा बच्चा समीर अब तक लापता है. गोताखोरों की टीम लगातार नदी की गहराई में उसकी तलाश कर रही है. समीर के बड़े भाई रियाज ने बताया, समीर और अनस दोनों मैच खेलने की बात कहकर घर से निकले थे. यहां कैसे आ गए, मुझे जानकारी नहीं है.

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