टीम इंडिया के स्टार गेंदबाज अर्शदीप सिंह पर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) का चाबुक चला है. आईसीसी ने अर्शदीप सिंह पर जुर्माना लगाया है. न्यूजीलैंड के साथ भारत के खेले गए टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में रविवार को अर्शदीप और मिचेल की झड़प हुई थी. इस विवाद को लेकर आईसीसी ने अर्शदीप को आचार संहिता के लेवल-1 उल्लंघन का जिम्मेदार माना.
15 फीसदी मैच फीस का जुर्माना: अर्शदीप पर आईसीसी ने मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया. अर्शदीप सिंह को आईसीसी आचार संहिता के आर्टिकल 2.9 का दोषी पाया गया. यह नियम अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान किसी खिलाड़ी की ओर या उसके पास गेंद या क्रिकेट उपकरण को अनुचित या खतरनाक तरीके से फेंकने से जुड़ा है.
कब हुई घटना: यह घटना न्यूजीलैंड की पारी के 11वें ओवर में हुई. उस समय अर्शदीप ने गेंद को फील्ड किया और बल्लेबाज डेरिल मिचेल की ओर तेज़ी से थ्रो कर दिया, जो जाकर उनके पैड पर लग गई. हालांकि इस मामले में औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी, क्योंकि भारतीय गेंदबाज ने मैच रेफरी द्वारा दी गई सजा को स्वीकार कर लिया. ओवर खत्म होने के बाद डेरिल मिचेल और अर्शदीप सिंह को हाथ मिलाते हुए भी देखा गया.
क्यों दोषी पाए गए भारतीय गेंदबाज? अर्शदीप को खिलाड़ियों और खिलाड़ी सहायता कर्मियों के लिए निर्धारित आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.9 के उल्लंघन का दोषी पाया गया है. यह नियम किसी अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान किसी अन्य खिलाड़ी पर या उसके पास “अनुचित और/या खतरनाक तरीके से गेंद (या क्रिकेट के किसी अन्य उपकरण) को फेंकने” से संबंधित है. खेल भावना के विपरीत किए गए इस कार्य को अनुशासन का गंभीर उल्लंघन माना गया. आर्थिक जुर्माने के अतिरिक्त, अर्शदीप के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक भी जोड़ दिया गया है. गौरतलब है कि पिछले 24 महीने की अवधि के भीतर अर्शदीप का यह पहला अपराध था, जिस कारण उन पर यह दंड लगाया गया है. यदि यह अपराध दोहराया जाता है, तो भविष्य में उन पर प्रतिबंध का खतरा बढ़ सकता है.

क्या अर्शदीप ने गलती मानी? मैच के बाद अर्शदीप ने एमिरेट्स आईसीसी एलीट पैनल के मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट द्वारा प्रस्तावित सजा को बिना किसी विरोध के स्वीकार कर लिया. चूंकि खिलाड़ी ने अपना अपराध और सजा दोनों स्वीकार कर ली हैं, इसलिए इस मामले में किसी औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी और अनुशासन की कार्रवाई को तुरंत प्रभावी कर दिया गया. अर्शदीप के खिलाफ यह आरोप मैदान पर अंपायर रिचर्ड इलिंगवर्थ और एलेक्स व्हार्फ, तीसरे निर्णायक अलाउद्दीन पालेकर और चौथे निर्णायक एड्रियन होल्डस्टॉक द्वारा लगाए गए थे. इन सभी अधिकारियों ने एकमत होकर गेंदबाज की इस हरकत को आचार संहिता का उल्लंघन करार दिया.
कितनी गंभीर है लेवल 1 की सजा? आईसीसी के नियमों के अनुसार, लेवल 1 के उल्लंघन के लिए न्यूनतम दंड एक आधिकारिक फटकार और अधिकतम दंड खिलाड़ी की मैच फीस का 50 प्रतिशत तक का जुर्माना होता है. इसके साथ ही खिलाड़ी के खाते में एक या दो डिमेरिट अंक भी जोड़े जाते हैं. अर्शदीप के मामले में उनकी पिछली बेदाग छवि को देखते हुए केवल 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है.















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