अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते तेहरान ने होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है. हालांकि, भारत समेत अपने मित्र देशों के कुछ जहाजों को वह आने-जाने दे रहा है, जिससे ऊर्जा संकट कुछ हद तक कम हुआ है. भारत का एक और एलपीजी टैंकर ग्रीन सान्वी ने होर्मुज स्ट्रेट पार किया है. यह टैंकर गुजरात के पोर्ट पर पहुंचेगा। इसको लेकर ईरान ने स्पेशल मैसेज दिया है. मुंबई स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास ने कहा कि भारत और विशेष रूप से गुजरात का हमारे साझा इतिहास में एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है. दूतावास ने यह गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी के एक पोस्ट के जवाब में लिखा. इसमें संघवी ने एलपीजी टैंकर का गुजरना भारत की कूटनीति की जीत बताया था.
हर्ष संघवी ने एक्स पर लिखा, ‘एक और जहाज. भारतीय कूटनीति के लिए एक और जीत. एलपीजी वाहक ग्रीन सांववी ने होर्मुज स्ट्रेट पार कर लिया है और अब वह भारत स्थित अपने घर की ओर अग्रसर है.” इस पर जवाब देते हुए मुंबई स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास ने कहा, ”भारत और विशेष रूप से गुजरात का हमारे साझा इतिहास में एक अत्यंत सम्मानित स्थान है, क्योंकि सदियों पहले इसने हमारी धरती से आए लोगों का बड़े ही आदर-सत्कार के साथ स्वागत किया था. सभ्यता के इस सुदृढ़ बंधन को आधार बनाते हुए, हम मित्रता और सहयोग के संबंधों को और अधिक मजबूत करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं.”
सरकार ने शनिवार को नागरिकों से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी से बचने की अपील की. सरकार ने कहा कि होर्मुज के बंद होने से जुड़े व्यवधानों के बावजूद ईंधन की आपूर्ति पर्याप्त है और स्थिति नियंत्रण में है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों और रसोई गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठाए जा रहे हैं. लोगों को केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने और ऊर्जा की बचत करने की सलाह दी गई है. सरकार ने घरेलू एलपीजी और पाइप से मिलने वाली रसोई गैस (पीएनजी) को प्राथमिकता दी है, खासकर घरों, अस्पतालों और आवश्यक सेवाओं के लिए. मांग को संतुलित करने और आपूर्ति बढ़ाने के लिए रिफाइनरियों का उत्पादन बढ़ाया गया है और गैस सिलेंडर भरवाने के बीच का अंतराल भी बढ़ाया गया है.














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