मध्यप्रदेश के इंदौर से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है. यहां जूनी इंदौर थाना क्षेत्र की नंदनवन कॉलोनी में एक 4 साल की मासूम बच्ची को बंद कार के अंदर दम घुटने से मौत हो गई. घर लौटने के बाद बच्ची कार में ही सोती रह गई और परिवार के अन्य सदस्य नीचे उतर गए. जब तक परिजनों का ध्यान गया और बच्ची को बाहर निकाला गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी. इस हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
वर्कशॉप से लौटने के बाद हुआ हादसा: जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार दोपहर की है. नंदनवन कॉलोनी में रहने वाले एक लोहा कारोबारी के तीन बच्चे हैं, जिनमें हाजरा (4) उनकी दूसरे नंबर की बेटी थी. रविवार को हाजरा अपने दादा-दादी और परिवार के अन्य बच्चों के साथ कार से वर्कशॉप गई थी. दोपहर करीब 12 बजे जब सभी लोग वर्कशॉप से वापस घर लौटे तो बाकी बच्चे और बुजुर्ग कार से उतरकर घर के अंदर चले गए. हाजरा की आदत कहीं भी सो जाने की थी और वह सफर के दौरान कार की पिछली सीट पर ही सो गई थी. घर पर पहुंचने पर किसी ने ध्यान नहीं दिया कि हाजरा कार में ही सो रही है.
3 घंटे तक बंद कार में रही बच्ची: रविवार को दोपहर के समय धूप और गर्मी का प्रकोप बेहद तेज था. कार के कांच पूरी तरह से बंद होने के कारण महज कुछ ही देर में गाड़ी के अंदर का तापमान बेहद बढ़ गया और धीरे-धीरे ऑक्सीजन खत्म हो गई. दोपहरा करीब 12 बजे से लेकर 3 बजे तक मासूम बच्ची उसी तपती हुई बंद कार के भीतर फंसी रही. काफी देर बीत जाने के बाद जब घर में बच्ची कहीं नजर नहीं आई, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की. जब कार में अंदर झांका तो उनके होश उड़ गए. कार के अंदर मासूम बेहोशी की हालत में पड़ी हुई थी.
अस्पताल पहुंचने से पहले टूटी सांसें: परिजन उसे लेकर तुरंत अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर जूनी इंदौर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर शव को पोस्टमॉर्टमम के लिए भिजवाया. जूनी इंदौर थाना प्रभारी अनिल गुप्ता ने बताया कि सोमवार को बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है. प्राथमिक तौर पर डॉक्टरों का मानना है कि तेज गर्मी के कारण कार के भीतर ऑक्सीजन की भारी कमी हो गई थी, जिससे दम घुटने के कारण बच्ची की जान चली गई. हालांकि, विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो सकेगी.













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