ईरान के साथ बातचीत विफल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भड़क उठे हैं. उन्होंने धमकी दी है कि अमेरिका तत्काल प्रभाव से होर्मुज में प्रवेश करने या बाहर निकलने की कोशिश करने वाले जहाजों की नाकेबंदी शुरू कर देगा. साथ ही उन्होंने यह भी कहाकि अगर इसके रास्ते में कोई आता है तो उसे उड़ा दिया जाएगा. ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने अमेरिकी नेवी को उन जहाजों को रोकने का निर्देश दिया है, जिन्होंने होर्मुज से गुजरने के लिए ईरान को शुल्क चुकाया है.
गौरतलब है कि पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत विफल रही. दोनों पक्ष एक-दूसरे पर जरूरत से ज्यादा मांग रखने की बात कह रहे हैं. इस वार्ता के विफल होने के बाद ट्रंप ने ट्रुप सोशल पर अपनी बात लिखी है.अगर फायरिंग हुई तोट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिकी नेवी की नाकेबंदी बहुत जल्द शुरू होने वाली है. साथ ही यह भी कहाकि अगर किसी भी ईरानी ने अमेरिका या किसी अन्य शांतिपूर्ण जहाज पर गोलियां चलाईं तो उसे उड़ा दिया जाएगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि इस नाकेबंदी में अन्य देश भी शामिल होंगे. उन्होंने कहाकि ईरान को गैरकानूनी ढंग से वसूली से रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है. ट्रंप का कहना है कि ईरान जहाजों को सुरक्षित निकासी देने के बदले गलत ढंग से वसूली कर रहा है.
ट्रंप ने यह भी बताया कि इस्लामाबाद में ईरानी अधिकारियों के साथ करीब 20 घंटे चली मैराथन बातचीत में कई मुद्दों पर सहमति बनी, लेकिन इनमें सबसे अहम था ईरान का परमाणु कार्यक्रम, जिस पर कोई समझौता नहीं हो सका.
डोनाल्ड ट्रंप ने दोहराया कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर ईरान का रुख अब भी सख्त है. उन्होंने आगे कहा कि ईरान जब तक अपने परमाणु कार्यक्रम पर रोक नहीं लगाता, तब तक अमेरिका के लिए उसके साथ बातचीत जारी रखना स्वीकार्य नहीं है.
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका होर्मुज में मौजूद बारूदी सुरंगों को हटाने की कार्रवाई तेज करेगा और जो भी ईरानी इस काम में लगे अमेरिकी जहाजों पर गोलीबारी करेगा, उसे नरक में भेज दिया जाएगा. उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों से टोल वसूलने के ईरान के कदमों को ‘जबरन वसूली’ करार दिया और अमेरिकी सुरक्षा बलों या व्यापारिक जहाजों पर किसी भी हमले की स्थिति में कड़ी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी.
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस नाकेबंदी अभियान में अन्य देश भी शामिल हो सकते हैं. साथ ही, ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता पहले ही काफी कमजोर हो चुकी है और उसकी नौसेना व एयर डिफेंस सिस्टम को काफी हद तक निष्क्रिय कर दिया गया है.













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