पुनीत शुक्ला, कानपुर।
कानपुर में अवैध तरीके से 30 से अधिक किडनी ट्रांसप्लांट करने वाले ओटी टेक्नीशियन मुदस्सर अली सिद्दीकी ने गुरुवार को सरेंडर कर दिया. वह पुलिस को चकमा देकर ACJM–6 की कोर्ट में पहुंचा। सिर पर टोपी और मुंह पर मास्क लगा रखा था.
कोर्ट ने आरोपी मुदस्सर अली को 14 दिन के लिए जेल भेज दिया. पुलिस उसकी तलाश में नोएडा, गाजियाबाद, उत्तराखंड समेत कई जिलों की खाक छान रही थी। 25 हजार इनाम भी रखा था.
पुलिस किडनी रैकेट में शामिल 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. मुदस्सर 11वां आरोपी है। वह डॉक्टर अली के नाम मशहूर है. पुलिस की फाइल में भी उसका यही नाम लिखा गया है.
डॉ. अली के अधिवक्ता मोहित द्विवेदी ने बताया, “उनके मुवक्किल का नाम एफआईआर में नहीं था. पुलिस की जांच में सामने आया था. सोमवार को कोर्ट में आख्या दाखिल की गई थी. इसकी सुनवाई के लिए कोर्ट ने विवेचक मनोज कुमार से रिपोर्ट मांगी थी. सुनवाई की तय तारीख 16 मई को विवेचक रिपोर्ट के साथ कोर्ट में पेश हुए. उन्होंने कोर्ट में बताया कि डॉ. अली मुकदमे में वांछित है, जिसके बाद कोर्ट ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है.”
मालूम हो कि रावतपुर के केशवपुरम स्थित आहूजा हॉस्पिटल में 29 मार्च को अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट का मामला सामने आया था. कल्याणपुर के मेडलाइफ हाॅस्पिटल में बिहार का डाेनर आयुष कुमार और प्रिया अस्पताल के डीलक्स रूम में मुजफ्फर नगर की पारुल तोमर भर्ती मिली थी.
23 साल के आयुष से उसकी किडनी 6 लाख रुपए में खरीदी गई थी. बाद में महिला मरीज प्रिया तोमर को करीब 80 लाख रुपए में बेच दी गई थी। किडनी देने वाले छात्र ने ही पुलिस से शिकायत की थी. इसके बाद पुलिस ने मेडलाइफ हॉस्पिटल, आहूजा हॉस्पिटल और प्रिया हॉस्पिटल में एक साथ छापेमारी की थी. इसके बाद किडनी रैकेट का खुलासा हुआ.
जांच में सामने आया कि किडनी ट्रांसप्लांट करने के लिए लखनऊ और दिल्ली से डॉक्टरों की टीम आती थी. देश के अलग-अलग राज्यों से युवकों को जाल में फंसाकर किडनी का सौदा किया जाता था. अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट में शामिल आहूजा अस्पताल की डॉ. प्रीति आहूजा उनके पति डॉ. सुरजीत आहूजा, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. राम प्रकाश, डॉ. नरेंद्र सिंह व एजेंट शिवम अग्रवाल को अरेस्ट किया गया.
पुलिस ने जांच शुरू की तो सामने आया कि किडनी के इस अवैध कारोबार का सरगना डॉ. रोहित था. उसके लिए कानपुर में काम करने वाले एंबुलेंस चालक शिवम अग्रवाल, मेडलाइफ अस्पताल के मालिक राजेश कुमार व राम प्रकाश कुशवाहा प्रिया अस्पताल के संचालक नरेंद्र सिंह को जेल भेजा गया.
इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो ओटी मैनेजर राजेश कुमार और ओटी संचालक कुलदीप सिंह राघव गाजियाबाद से पकड़े गए थे. तीन दिन पहले पुलिस ने 25 हजार के इनामी डॉ. रोहित को गिफ्तार किया. इसके बाद गुरुवार दोपहर ओटी टेक्नीशियन मुदस्सर अली सिद्दीकी उर्फ डॉ. अली ने ACJM-6 की कोर्ट में सरेंडर कर दिया है. इस पूरे किडनी कांड में जेल जाने वाला यह 11वां आरोपी है.
















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