समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी अदिति को लेकर सोशल मीडिया पर की गई अभद्र टिप्पणियों का मामला लगातार राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है. इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सख्त रुख दिखा चुके हैं और उन्होंने बेटियों के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करने वालों पर कार्रवाई की बात कही है लेकिन इस पूरे विवाद के बीच सपा की पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता रोली तिवारी मिश्रा की एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा का विषय बन गई है. रोली तिवारी ने अदिति यादव प्रकरण का हवाला देते हुए अखिलेश यादव पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उनका दावा है कि जब वह सपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता थीं, तब उन्हें भी इसी तरह सोशल मीडिया पर गालियां और अभद्र टिप्पणियां झेलनी पड़ी थीं, लेकिन उस समय पार्टी नेतृत्व ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की थी.
‘मुझे गालियां दी गईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई’: रोली तिवारी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अखिलेश यादव के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर गोरखपुर का एक हिस्ट्रीशीटर लगातार उन्हें और उनके परिवार को निशाना बनाता था. उनका आरोप है कि पार्टी नेतृत्व को इसकी पूरी जानकारी थी, इसके बावजूद उस व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव पर सवाल खड़े करते हुए रोली ने लिखा, ‘आपने बंद कमरे में मेरे पति और बेटियों के सामने खेद जरूर प्रकट किया था, लेकिन उस व्यक्ति को कभी पार्टी से नहीं निकाला क्योंकि वह आपका सजातीय था.’ रोली ने यह भी दावा किया कि उन्होंने उस समय पार्टी नेतृत्व से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.
‘अदिति बिटिया वही झेल रही हैं जो मैंने झेला था’: अदिति यादव के समर्थन में उठ रही आवाजों के बीच रोली तिवारी ने कहा कि आज अखिलेश जिस दर्द और चिंता को महसूस कर रहे हैं, उससे वह खुद पहले गुजर चुकी हैं. उन्होंने लिखा, ‘अदिति बिटिया को भी वही झेलना पड़ रहा है जो कभी मैंने झेला था. मैंने आपसे एक बार पूछा था कि जो मेरे साथ हो रहा है, अगर वही अदिति और टीना के साथ हो तो आप क्या करेंगे?’ रोली तिवारी ने अपनी पोस्ट के साथ कुछ पुराने स्क्रीनशॉट और सोशल मीडिया पोस्ट भी साझा किए हैं, जिनमें उनके खिलाफ अपशब्दों और अभद्र भाषा का इस्तेमाल सपा कार्यकर्ताओं की ओर से किया गया था. रोली तिवारी ने लिखा कर्मा इज बैक.
रामचरितमान विवाद और सपा से हुई थी रोली की छुट्टी: रोली तिवारी मिश्रा कभी समाजवादी पार्टी का प्रमुख चेहरा मानी जाती थीं. वह पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता होने के साथ-साथ राज्य महिला आयोग की सदस्य भी रह चुकी हैं. हालांकि, साल 2023 में उनका पार्टी नेतृत्व से टकराव खुलकर सामने आया। दरअसल, उस समय सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा रामचरितमानस को लेकर दिए गए विवादित बयानों और मानस दहन प्रकरण का रोली तिवारी ने सार्वजनिक रूप से विरोध किया था. उन्होंने रामचरितमानस के अपमान की आलोचना की थी, जिसके बाद पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया था.
क्या है अदिति यादव विवाद? हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव को लेकर कुछ आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणियां सामने आई थीं. इसके बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया. सपा सांसद डिंपल यादव और अखिलेश यादव ने इसके लिए बीजेपी पर निशाना साधा. वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सार्वजनिक मंच से बेटियों के सम्मान का मुद्दा उठाया. शनिवार को एक जनसभा में उन्होंने कहा कि किसी भी बेटी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
















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