हमीरपुर के मौदहा में लघु सिंचाई विभाग द्वारा सिजनौडा के पास चंद्रावल नदी पर लगभग ₹79 लाख की लागत से बनाया गया एक चेकडैम पहली ही बरसात में तेज बहाव के कारण बह गया. यह घटना पिछले वर्ष हुई थी, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी इसकी मरम्मत नहीं कराई गई है.
किसानों को सिंचाई सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से निर्मित यह चेकडैम पहली ही बारिश में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. इसके बह जाने से नदी किनारे स्थित राजेंद्र सिंह, लक्ष्मी सिंह, मीना सिंह और दीपू सिंह सहित कई किसानों के खेतों की मिट्टी भी बह गई, जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ है.
दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग: ग्रामीणों ने चेकडैम के निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया है और इसकी जांच की मांग की है. ग्राम प्रधान प्रहलाद निषाद ने कहा कि निर्माण के दौरान मानकों की अनदेखी की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि यदि नदी की चौड़ाई और बहाव के अनुरूप चेकडैम का निर्माण होता, तो यह स्थिति नहीं आती. प्रधान ने प्रशासन से निर्माण कार्य की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. दूसरी बरसात शुरू होने से ग्रामीणों में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ गई है.

जल्द मरम्मत कराई जाएगी: लघु सिंचाई विभाग के जेई सदानंद ने बताया कि- चेकडैम के ठेकेदार की सिक्योरिटी अभी जमा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि तीन वर्ष तक इसके रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार की है और जल्द ही चेकडैम की मरम्मत कराई जाएगी.
















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